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हत्या के बाद राणा ने दो नंबरों पर की थी लंबी बात

मुनीष शर्मा | Dec 12, 2012, 07:07AM IST
हत्या के बाद राणा ने दो नंबरों पर की थी लंबी बात
अमृतसर। एएसआई रविंदर सिंह की हत्या को अंजाम देने के मुख्य आरोपी रणजीत सिंह उर्फ राणा की हत्या के बाद दो नंबरों पर बात हुई थी। इसका खुलासा उसकी मोबाइल डिटेल से हुआ। इन नंबरों पर जब फोन किया गया तो मोबाइल उठाने वाला अपने नाम बदल-बदल कर बताता गया। फिर उसने बताया कि उसके पिता सीआईए स्टाफ में मुलाजिम हैं और दूसरे ने अपना नाम गुरनाम सिंह बताया, लेकिन पेशा बताने से उसने इंकार कर दिया।
 
रणजीत सिंह राणा ने अपने साथियों से मिलकर पांच दिसंबर को घरिंडा थाने में तैनात एएसआई रविंदर सिंह की हत्या की थी। घटना दोपहर लगभग ढाई बजे के आस-पास हुई। घटना को अंजाम देने के बाद राणा ने अपने मोबाइल नंबर 9855065734 (जो रणजीत सिंह पुत्र रछपाल सिंह गांव चक्क अजनाला के नाम से चल रहा था) से दो नंबरों पर सबसे अधिक बात की। डिटेल आई तो इनमें एक नंबर वोडाफोन और दूसरा एयरटेल का निकला। 
 
इन नंबरों पर हुई बात 
 
783770****,991573**** (किसी की गोपनीयता भंग न हो इस कारण पूरे नंबर प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं)। इसके अलावा कुछ अन्य नंबर पर भी राणा की बात हुई, लेकिन इन नंबरों पर अधिक समय तक राणा की बात हुई।
 
दैनिक भास्कर ने जब फोन मिलाया तो यह बात हुई
 
783770**** इस नंबर पर राणा ने पांच दिसंबर को 2.40 मिनट पर फोन किया था। जब इस नंबर पर दैनिक भास्कर संवाददाता ने फोन किया तो फोन उठाने वाले ने पहले तो साफ मना कर दिया कि उसकी राणा से कोई बात ही नहीं हुई। नाम पूछने पर कभी उसने अपना नाम कुलविंदर सिंह, कभी बंता, कभी कुलदीप बताया।
 
जब उसे बताया गया कि हमारे पास नंबरों की डिटेल है तो वह बोला उस दिन उसका फोन कोई मांग कर ले गया था। किसने मांगा था, के जवाब में बताया गया कि वह नहीं जानता कि कौन मांग ले गया था। फिर बोला राणा की बहन ने उससे फोन मांगा था। यह कह कर उसने फोन रख दिया।
 
थोड़ी देर बाद उसका दोबारा हमारे संवाददाता को फोन आया और बोला कि उसके पिता सीआईए स्टाफ में मुलाजिम हैं। आपका नंबर उसने अपने पास सेव कर लिया है, कुछ भी लिखने से पहले सोच लेना। पिता का नाम पूछने पर उसने कभी धमेंद्र सिंह तो कभी कुलविंदर सिंह बताया। इसके बाद फोन रख दिया गया।
 
991573**** इस नंबर पर राणा की आखिरी बार पांच दिसंबर को बात हुई थी। इस नंबर पर कॉल की गई तो फोन उठाने वाले ने अपना नाम गुरनाम सिंह बताया। उसने कहा कि उसकी राणा से कोई बात नहीं हुई। यही नहीं उसने कहा कि वह किसी रणजीत सिंह उर्फ राणा को नहीं जानता। पेशा पूछने पर उसने फोन रख दिया। 
 
यह था मामला 
 
अकाली जत्था शहरी के महासचिव रणजीत सिंह उर्फ राणा ने अपने साथियों धमेंद्र सिंह उर्फ धर्मा, गुरबीर सिंह उर्फ बीरा, संदीप उर्फ सन्नी और प्रभजीत सिंह के साथ मिलकर एएसआई रविंदर सिंह पर पांच दिसंबर को हत्या की थी।
 
रविंदर सिंह की बेटी रोबनजीत कौर को राणा लंबे समय से परेशान कर रहा था। इसकी शिकायत रोबनजीत कई बार थाना छेहर्टा पुलिस को कर चुकी थी।
 
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