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17 साल बाद रेंट कंट्रोल एक्ट मंजूर

Bhaskar news | Oct 03, 2012, 05:40AM IST
 
 


चंडीगढ़। 17 साल बाद पंजाब सरकार ने रेंट कंट्रोल एक्ट को मंजूरी दे दी है। नया एक्ट बरसों से 100-50 रुपए के नाममात्र किराये पर दुकान या मकान लेकर बैठे लोगों पर लागू नहीं होगा। नोटिफिकेशन जारी होने पर नए किरायेदारों पर ही एक्ट लागू होगा। किरायेदार और मालिक के बीच किरायानामा अब अनिवार्य कर दिया गया है। किसी विवाद का निपटारा करने के लिए सरकार रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठित करेगी। सरकार ने पुराने किरायेदारों के विरोध के मद्देनजर उन्हें एक्ट से बाहर रखा है। नए एक्ट से निवेशकों को जायदाद पर कब्जे का भय नहीं रहेगा। सरकार ने दावा किया है कि नए रेंट कंट्रोल एक्ट से राज्य में रियल इस्टेट के बिजनेस में तेजी आएगी।
ठगी नहीं कर सकेंगी चिट फंड कंपनियां
रेंट कंट्रोल एक्ट के अलावा कैबिनेट ने पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रस्ट आफ डिपॉजिटर (इन फाइनेंशियल इस्टेबलिशमेंट) बिल 2012 को भी मंजूरी दी है। इसमें नॉन बैंकिंग प्राइवेट कंपनियां जो निवेशकों से ठगी करती हैं, के खिलाफ रिजर्व बैंक के निर्देशों तहत कार्रवाई का प्रावधान है। सभी नॉन बैंकिंग वित्तीय कंपनियांे को अधिकृत अधिकारियों के बारे में जानकारी देनी होगी।
ऐसा न करने पर उन्हें तीन महीने की कैद या एक हजार रुपए जुर्माना हो सकता है। वादाखिलाफी करने पर कंपनी को एक लाख रुपए तक जुर्माना और छह साल कैद हो सकती है। इसके अलावा कंपनियों के प्रबंधकों की संपत्ति जब्त हो सकती है।
मायने :देशभर में कम समय में पैसे दोगुणो करने का लालच देकर राशि हड़पने की घटनाएं सामने आई हैं। कोई कानून न होने के कारण ऐसी कंपनियों के खिलाफ कहीं सुनवाई भी नहीं हो रही थी। इस एक्ट के लागू होने से कुछ हद तक ऐसे फ्रॉड पर अंकुश लग सकेगा।
पंजाब कैबिनेट की बैठक
आम लोगों के घर के लिए पॉलिसी कैबिनेट ने पंजाब हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी 2008 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति का मकसद आम लोगों को सस्ती दरों पर मकान मुहैया करवाना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बढ़ी मकान की जरूरतों को देखते हुए नीति तैयार की गई है।
मायने :सभी लोगों के लिए घर का सपने पूरा करने का एजेंडा सरकार ने अपने हाथ में लिया है। लेकिन पंजाब जैसे इलाके जहां जमीन की कीमतें आसमान को छू रही हैं वहां इस नीति को लागू करना काफी मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय निकाय में भागीदारी बढ़ेगी
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट नगर निगमों और काउंसिलों के लिए पंजाब म्युनिसिपल सिटीजन पार्टिसिपेशन बिल 2012 को भी मंजूरी दी है। इस पर जल्द ही आर्डिनेंस जारी किया जाएगा। क्षेत्र सभा कायम कर निगम और पालिका के काम में आम लोगों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी।
मायने :सभी वार्डो की आम सभा हो सकेगी। उनकी जरूरत के मुताबिक ही वार्ड में काम करवाने होंगे। इसके लिए बाकायदा दस सदस्यीय कमेटियों का गठन होगा। नगर निगम और पालिका में आम आदमी की भागीदारी से विकास में तेजी आएगी।
बासमती से तीन फीसदी सैस हटाया
निर्यात होने वाले बासमती चावल पर लगने वाले 3% सैस को हटाने को मंजूरी दी है। साथ ही पंजाब राज्य खेतीबाड़ी उपज मंडी एक्ट 1961 में संशोधन करते हुए मार्किट कमेटियों को सुपरसीड करते हुए उनकी जगह प्रबंधक नियुक्तकरने को मंजूरी दी है। ये प्रबंधक मार्किट कमेटियों के दफ्तर का कामकाज देखेंगे।
मायने: बासमती चावल इंटरनेशनल मार्किट में प्रतिस्पर्धा मंे आ जाएगा। सैस के कारण पहले यह महंगा था जिस कारण खरीदार नहीं मिल रहे थे।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
-खन्ना और फगवाड़ा में अतिरिक्त उपायुक्तों के दो पद सृजित - बठिंडा जिले की मौड़ मंडी अब नई सब डिवीजन होगी - 21 माडल स्कूलों में अंग्रेजी, गणित, साइंस, सामाजिक शिक्षा विषयों 84 ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (टीजीटी) और 21 कंप्यूटर टीचर्स के पद सृजित - दर्जा-4 कर्मियों के 21 पद भरे जाएंगे - मेंटल अस्पताल में साइकीऐट्रिक नर्सिग एमएससी कोर्स के लिए प्रोफेसर के तीन और लेक्चरर के दो पद सृजित - लोक अदालतों के कार्यालय के लिए
12 पद सृजित - न्यू रीस्ट्रक्चर्ड डिफाइंड कंट्रिब्यूटरी पेंशन योजना मंजूर - 24 जुलाई को मानसा के अकलियां गांव में मारे गए दो लोगों के आश्रितों को नौकरी - नई दिल्ली में इन्वेस्टमेंट प्रमोशन विभाग में सचिव, अतिरिक्त सचिव और पांच मैनेजरों के नए पद सृजित - पंजाब होमगार्डस और सिविल डिफेंस विभाग में 292 पद भरे जाएंगे।
 
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