विज्ञापन
 
Home >> Punjab >> Amritsar >> Bhaskar News

रिटायरमेंट एज बढ़ाने का प्रपोजल सीएम को भेजा

सुखबीर सिंह बाजवा | Sep 22, 2012, 04:30AM IST
 
 


चंडीगढ़।रिटायरमेंट की दहलीज पर खड़े कर्मचारियों की मुराद जल्द पूरी हो सकती है। वित्त विभाग ने सिविल सर्विस रूल्स में बदलाव करके कानून विभाग से सभी तरह की क्लीयरेंस लेकर फाइल मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भिजवा दी है। इस फैसले से वित्त विभाग को 550 करोड़ रुपए सालाना बचत की उम्मीद है।

 

रिटायरमेंट एज को एक साल बढ़ाना है या दो साल, यह फैसला मुख्यमंत्री करेंगे। इसके अलावा वे यह भी फैसला लेंगे कि इस नियम को किस तारीख से लागू करना है। सूत्रों का कहना है कि इसे सितंबर माह से लागू किया जा सकता है।

3.5 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

कर्मचारियों की रिटायरमेंट एज बढ़ाने का फैसला 28 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग में लिया गया था। इससे राज्य के ३.५ लाख कर्मचारियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। पसरेनल विभाग ने रिटायरमेंट एज दो साल बढ़ाकर 58 से 60 करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस पर कैबिनेट में सहमति नहीं बनी। कुछ मंत्रियों का विचार था कि इससे रोजगार के इंतजार में बेरोजगारी की लाइन में लगे युवाओं पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा यह भी तर्क दिया गया कि एक पुराने कर्मचारी के रिटायर होने से दो नए युवा भर्ती किए जा सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए कहा कि जो भी कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लाभ एक साल तक नहीं लेगा, उसकी रिटायरमेंट एज एक साल के लिए बढ़ा दी जाएगी।

हाईकोर्ट दे चुका है झटका

अकाली-भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान रिटायरमेंट एज एक साल बढ़ाने का फैसला लिया गया था। लेकिन, सर्विस रूल्ल में बदलाव न करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस फैसला को रद्द कर दिया था। उसके बाद सरकार इसे फिर से लागू नहीं कर पाई थी। इससे सबक लेते हुए सरकार ने इस बार यह गलती नहीं की है। वित्त विभाग ने सर्विस रूल्स में बदलाव कर दिया है और इसकी पूरी कानूनी राय के बाद ही प्रपोजल मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है।

क्यों पड़ी जरूरत

पंजाब के खर्च और आमदनी में इस समय 3150 करोड़ रुपए का गैप है, जिसको पाटने के लिए पिछले महीने 900 करोड़ रुपए के टैक्स लगाए गए। आम लोगों का ज्यादा विरोध न हो इसके लिए रिटायरमेंट एज बढ़ाकर ऐसे दो साल तक 2000 करोड़ रुपए बचाने की योजना बनाई गई। प्रमुख वित्त सचिव का कहना है कि हर साल 3 फीसदी के लगभग कर्मचारी रिटायर होते हैं। ऐसे में इनको प्रतिमाह 75 करोड़ रुपए देने पड़ते हैं, जो बच सकते हैं। यानी यदि आने वाले एक साल के लिए रिटायरमेंट एज बढ़ा दी जाती है सात महीने में सरकार के लगभग 550 करोड़ रुपए बचेंगे।

कांग्रेस-पीपीपी है प्रस्ताव के विरोध में

विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ का कहना है कि सरकार का यह फैसला राज्य में बेरोजगारी बढ़ाएगा। यदि दो साल तक अफसर या कर्मचारी रिटायर नहीं होंगे तो जाहिर है नई भर्तियों पर भी रोक लग सकती है। उधर, पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब के अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल का कहना है कि सरकार ने पैसा बचाने के लिए रिटायरमेंट एज बढ़ाने का फैसला लिया है, लेकिन इससे कुछ समय तक तो राहत मिलेगी, लेकिन उसके बाद फिर से वही स्थिति हो जाएगी। बेरोजगारी इतनी बढ़ जाएगी कि राज्य के प्रतिभावान युवा पलायन कर जाएंगे।

 


 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
4 + 4

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment