सरबजीत सिंह को पाकिस्तानी जेल से बाहर क्यों नहीं देखना चाहते हैं सुरजीत?

अमृतसर.सुरजीत सिंह की बयानबाजी सरबजीत सिंह, किरपाल सिंह और अन्य 28 कैदियों की रिहाई खटाई में डाल सकती है। पाक के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी का कहना है कि इससे दोनों मुल्कों के रिश्तों में भी खटास आ सकती है।
पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर आए सुरजीत सिंह द्वारा खुद को जासूस करार दिया जाना सरबजीत सिंह समेत अन्य भारतीय कैदियों की वतन वापसी में अड़चन पैदा कर सकता है। यह बयान उस वक्त बयान दिया जा रहा है जब सरबजीत की रिहाई का काम तकरीबन सिर चढ़ चुका है। भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान समेत अन्य देशों की जनता भी उसके साथ खड़ी हो चुकी है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ही नहीं बल्कि कैदियों की रिहायी का मामला उठाने वाले दोनों ही मुल्कों के मानवाधिकार संगठन ने भी इसका कड़ा नोटिस लिया है।
फिरोजपुर निवासी सुरजीत पिछले दिनों पाकिस्तान की जेल से 31 साल की सजा भुगत कर वापस आया हुआ है। बार्डर क्रास करने के दौरान उसने मीडिया के समक्ष इस बात को स्वीकार और तब से लेकर अब तक इसी की रट लगाए हुए है कि वह भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एनालिसिस विंग (‘रॉन’) के लिए जासूसी करने गया था।
उसने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक में जाने की धमकी दे डाली है। उसके इस बयान पर पाकिस्तान ने भारत को माफी मांगने की बात कही है। खुफिया एजेंसियों का तो यहां तक कहना है कि इसने पूरे देश को ही कटघड़े में ला खड़ा किया है।
दूसरों की रिहाई पर संकट
दोनों देशों के कैदियों की रिहाई के लिए काम कर रहे मानवाधिकार संगठनों का तो यहां तक कहना है कि इससे सर्बजीत सिंह, किरपाल सिंह समेत उन 28 कैदियों की रिहाई में भी खलल पड़ सकता है। कमोबेश, सर्बजीत का मामला जो कि रिहाई के मुहाने पर है। पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी का कहना है कि इससे सारे मामलों पर उलट असर पड़ सकता है। वह यह भी कहते हैं कि उसकी यह हरकत दोनों मुल्कों के रिश्तों में भी खटास घोल सकती है। सर्बजीत की बहन दलबीर कौर तो यहां तक कहती हैं कि देश की जनता उसकी बातों पर ध्यान न दे।
सुरजीत को इलाज की जरूरत
पाकिस्तान के अंसार बर्नी ट्रस्ट के साथ मिल कर कैदियों की रिहाई का मामला उठाने वाले अखिल भारतीय ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन ने सुरजीत का इलाज करवाने की बात कही है। आर्गेनाइजेशन के सेक्रेटरी जनरल हवा सिंह तंवर ने कहा कि वह 30 साल तक जेल में रहा है संभव है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो। क्योंकि वतन लौटने के बाद से ही उसने कई ऐसे बयान दिए हैं जो सामान्य आदमी नहीं दे सकता। ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन के सेक्रेटरी जनरल हवा सिंह ने कहा सुरजीत की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही है।
सरबजीत सच्चा सिख: बर्नी
पाकिस्तान में कैद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह के बारे में मजहब बदलने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने कहा है कि वह आज भी सच्चा सिख है। यह बयान उन्होंने सुरजीत सिंह के धर्म बदलने के आरोप के बाद दिया है। फिरोजपुर वासी सुरजीत पिछले दिनों पाक जेल से रिहा होकर आया है। उसका दावा है कि रिहाई के लिए सरबजीत ने सिख धर्म छोड़ कर इस्लाम कबूल लिया है।






