आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रु. 300 करोड़

बादल।मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि राज्य के अस्पतालों में सर्वश्रेष्ठ एवं अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अस्पतालों के प्राथमिक ढांचे के विकास और उन्हें अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए एक विशेष योजना शुरू की गई है। उन्होंने यह जानकारी बादल गांव में दो दिवसीय मेगा मेडिकल कैंप के दूसरे और अंतिम दिन दी। मुख्यमंत्री ने कैंप में सेवा करने वाले डॉक्टरों को प्रशंसा पत्र भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दिनों उन्होंने जालंधर में आयोजित साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन (सार्क) सर्जिकल सोसायटी की कॉन्फ्रेंस में अमृतसर में सार्क अस्पताल के गठन का सुझाव भी दिया था। यदि सार्क सर्जिकल सोसायटी अमृतसर में सार्क अस्पताल खोलती है तो प्रदेश सरकार हर संभव सहायता देगी। इससे जहां सार्क देशों में आपसी विश्वास बढ़ेगा, वहीं आपसी रिश्ते भी और मजबूत होंगे।
अति उत्तम राज्य का दर्जा
अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा से जुड़ा होने कारण धार्मिक शहर अमृतसर आने जाने के लिए डॉक्टरों को भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के बेहतर प्रयत्नों के दम पर भारत सरकार की एक एजेंसी ने पंजाब को अति उत्तम राज्य का दर्ज दिया है। इस दौरान डिप्टी सीएम ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की पहल से आम आदमी को घर द्वार पर स्वास्थ्य सहूलियतें मिल रही हैं।
नर्सो ने लिया सीएम का ऑटोग्राफ
मेगा मेडिकल कैंप में मुख्यमंत्री जब मरीजों के बीच पहुंचे तो नर्सो ने उनसे ऑटोग्राफ देने की मांग कर डाली। मुख्यमंत्री ने हंसते हुए नर्सो को ऑटोग्राफ दिया और उन्हें लगन से मरीजों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
सभी जिलों में लगेंगे मेगा कैंप
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगा कैंप को लोगों के मिले समर्थन को देखते हुए राज्य के सभी जिलों खासकर सरहदी, कंडी और अन्य पिछड़े जिलों में भी ऐसे ही कैंपों का आयोजन किया जाएगा। मरीजों का सारा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
दो दिन में 17,626 मरीजों का पंजीकरण
स्वास्थ्य और परिवार भलाई विभाग ने इस मेगा कैंप में 10 हजार मरीजों की रजिस्ट्रेशन होने का अनुमान लगाकर करीब 300 डॉक्टरों का प्रबंध किया गया था। मरीजों की संख्या 10 हजार के आंकड़े को पार कर 17,626 तक जा पहुंची। पहले दिन हुई 11,109 मरीजों की रजिस्ट्रेशन के मुकाबले सोमवार को मरीजों की संख्या घटकर 6517 ही दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डॉ. जेपी सिंह और डीसी परमजीत सिंह ने बताया कि इन दो दिन में 17,626 मरीजों का पंजीकरण हुआ है। मरीजों का रिकॉर्ड रखकर उन्हें अस्पतालों में रेफर कर उनका इलाज किया जाएगा।
सभी पंजीकृत मरीजों का होगा मुफ्त इलाज
सिविल सर्जन डॉ. चरणजीत सिंह ने बताया कि कैंप में चेकअप करवाने वाले मरीजों का तीन माह तक राज्य के सभी सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में हर तरह का इलाज मुफ्त किया जाएगा। इस दौरान पंजाब स्वास्थ्य विभाग और जल व सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग ने पंजाब सरकार की लोक पक्षीय स्कीमों और लोगों को स्वास्थ्य संभाल के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही प्रचार सामग्री भी बांटी गई। इस मौके पर एडीसी नरिंदर बाठ, एसीयूटी केएस राज, एसडीएम मलोट अमनदीप बांसल, एसडीएम गिदड़बाहा कुमार अमित मौजूद थे।









