बिलासपुर.लेनदेन के विवाद में सेंदरी स्कूल के चपरासी ने फांसी लगाकर जान दे दी। इस मामले में पुलिस ने लिमतरा के एक ग्रामीण के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामला मस्तूरी थाने का है। लिमतरा मस्तूरी निवासी देवराम दास पिता रामरतन दास वैष्णव (47) सेंदरी के स्कूल में चपरासी था।
देवराम दास ने फाइनेंस पर एक बाइक ली थी। कुछ दिन बाद इसी बाइक को उसने लिमतरा के सुद्धू उर्फ लक्ष्मीकांत को 30 हजार रुपए में बेच दिया, जबकि इसका किश्त बकाया था। इधर, वायदे के मुताबिक देवराम दास ने गाड़ी की किश्त जमा नहीं की, जिससे फाइनेंस कंपनी वालों ने लक्ष्मीकांत से बाइक सीज कर ली।
इससे नाराज लक्ष्मीकांत 5 दिसंबर 2011 को देवराम दास के घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए उसके घर वालों को रुपए के लिए धमकाया। देवराम दास जब घर लौटा तो उसके घरवालों ने उसे इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद देवराम दास ने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया और पंखे पर फंदा डालकर फांसी लगा ली।
जांच के दौरान मस्तूरी पुलिस को उसके पास से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने लक्ष्मीकांत द्वारा घर के लोगों से गाली-गलौज करने व रकम न देने पर पत्नी को ले जाने की बात कहने से दुखी होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। पुलिस ने लक्ष्मीकांत के खिलाफ धारा 306 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
रुपए डूबे, अब जेल में
इस पूरे मामले में लक्ष्मीकांत को दोहरा नुकसान उठाना पड़ा। एक तरफ फाइनेंस वाली बाइक खरीदकर उसने 30 हजार रुपए गंवा दिए। दूसरी ओर इसके लिए आक्रोश जाहिर करने पर देवराम दास ने फांसी लगा ली, जिससे लक्ष्मीकांत को जेल जाना पड़ा। उसे जरा भी अंदेशा नहीं था कि उसकी नाराजगी का इतना बड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा।