राजमाता के साथ वोट डालने पहुंचे कैप्टन अमरिंदर
Source: हेमंत कुमार | Last Updated 03:08(31/01/12)
पटियाला. शहर शाही है, मुख्य प्रत्याशी भी शाही। सो मतदाता भी पीछे क्यों रहें। शाही अंदाज में वोटिंग हुई। एकदम सुकून से। कहीं लंबीं लाइनें भी नहीं थीं। मतदान दिन भर चलता रहा। लोग टहलते हुए आते और टहलते हुए निकल जाते। शिअद प्रत्याशी सुरजीत कोहली ने बेशक चुनाव प्रचार स्कूटर पर बैठ कर किया लेकिन वोट डालने वे भी चमचमाती गाड़ी में आए।
वैसे इस शाही शहर के लोगों की मानसिकता अभी भी कायम है कि वे या तो मुख्यमंत्री चुनते हैं या विपक्ष का नेता। काफी अरसे से उन्होंने विधायक नहीं चुना। अक्सर बड़े लीडर अलसुबह ही वोट डालते हैं। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद 12 बजे के बाद ही आए। महिला कॉलेज में बने बूथ में वोट डाला। राजमाता ने भी वोट डाला। इसके अलावा सांसद परनीत कौर, उनकी बेटी और बहू ने भी।
इस बूथ पर सुबह से ही लंबी लाइन लगी हुई थी। वाहनों की भी और लोगों की भी। लेकिन ये वोटर नहीं थे। ये मीडिया के लोग थे। कैप्टन को वोट डालते हुए दिखाना था। उनके जाते ही यह बूथ भी एकदम सामान्य हो गया। हां, इसी बीच शिअद प्रत्याशी सुरजीत सिंह कोहली के मेयर पुत्र अजीत पाल सिंह भी वहां आए। हालांकि उनका बूथ दूसरा था लेकिन वे भी संभवतया रौनक मेला देखने इस ओर आ गए थे।
शहर के बाकी बूथों का भी चक्कर लगा आए। सभी में सामान्य स्थिति। यहां एक बात देखी कि वोटिंग के बाद लंबी चर्चाओं से लोग गुरेज करते हैं। सरहिंद रोड पर गुरुद्वारे के बाहर खड़े कुलदीप और सुखविंदर ने बातों-बातों में ये कहा कि कैप्टन साहब यहां कम मिलते हैं, ये सही है लेकिन काम तो हो जाते हैं।
सुखविंदर ने एक बात और जोड़ी कि सब महारानी की वजह से हैं। वे पटियाला वालों के सुख दुख में हमेशा शामिल होती हैं। उनकी बहुत कद्र करते हैं अन्यथा लोग पासा पलटते भी देर न लगाते। मोती महल आज भी पुररौनक हैं। संभवतया आज आखिरी दिन है कि महल का मुख्य गेट करीबन सभी के लिए खुला है। एक पत्रकार का कहना था अब जल्द ही ये अति प्रतिबंधित एरिया हो जाएगा। रिजल्ट चाहे जो भी हो।