अजमेर.जिले के थानेदारों से बिचौलिए के जरिए उगाही के आरोप में एसीबी के हाथों शिकंजे में आए जिला पुलिस कप्तान राजेश मीणा ने आम जन में वाद-विवाद खड़ा कर दिया है। गली- चौराहों और चौपालों पर इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि उच्चाधिकारियों की मिजाजपुर्सी में ही यदि लाखों की रकम उगाही जाती है तो पुलिस थानों की हैसियत कितनी होगी? भास्कर ने आम जन की जिज्ञासा शांत करने के लिए ही जानकारी जुटाई है कि जिले के किस थाने कि कितनी हैसियत है और क्यों है?
अजमेर जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस थानों और चौकियों को उनके आस-पास की वन व खनिज संपदा, उद्योग, व्यवसाय और अन्य वैध-अवैध कारोबार के आधार पर जांचा गया तो पता चला कि अजमेर शहर का क्लॉक टावर और दरगाह पुलिस थाना मोटी हैसियत वाला है। ग्रामीण इलाके में किशनगढ़, केकड़ी, ब्यावर व सरवाड़ के थाने खासे मालदार हैं। जाहिर है मालदार थाने से अच्छे माल की दरकार अफसर को रहती ही होगी।