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तीन साल में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती भी जीरो, बजट भी जीरो!

Bhaskar News | Feb 23, 2013, 03:44AM IST
जयपुर.राज्य सरकार भले तृतीय श्रेणी में 1.17 लाख शिक्षकों की नौकरियों के दावे करे, लेकिन विधानसभा में शुक्रवार को सरकार की ओर से पेश किए गए दस्तावेज के अनुसार तृतीय श्रेणी में पिछले तीन साल में एक भी शिक्षक को नौकरी नहीं दी गई। इसे लेकर सदन में शिक्षा मंत्री ब्रजकिशोर शर्मा घिर गए। 
 
इससे पहले गृह राज्य मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल हथियार लाइसेंस प्रकरण में जवाब ही नहीं दे पाए तो उनके बचाव में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने मोर्चा संभाला, जो गृह मंत्री रह चुके हैं।
 
  
शिक्षकों की भर्ती के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से दिए जवाब में सामने आया कि 2008-09 से लेकर 2011-12 के दौरान बजट और भर्ती भी जीरो रही। प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया और भाजपा के ओम बिड़ला के सवाल के जवाब पर यह जानकारी सामने आई। 
 
इसे लेकर कटारिया और बिड़ला ने कहा कि सरकार ने हर बजट में रिटायर होने वाले 10 हजार शिक्षकों के स्थान पर भर्ती करने और अन्य पदों पर भर्ती करने की घोषणा की है। इस हिसाब से 1,17,368 पदों पर भर्ती की जानी थी, लेकिन भर्ती शुरू हुई चुनावी साल में। 
 
2012-13 में 34,446 तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती की गई। कटारिया की ओर से बार-बार पूछे जाने के बाद भी शिक्षा मंत्री ब्रज किशोर शर्मा अन्य वरिष्ठ शिक्षकों, व्याख्याताओं और प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के बारे में ही सूचना देते रहे। 
 
 
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही कॉपी देखने का शुल्क 1000 रुपए 
 
तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री रामकिशोर सैनी ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही प्राविधिक शिक्षा मंडल, जोधपुर की परीक्षाओं की कॉपी देखने का शुल्क 1000 रुपए रखा गया है। यह शुल्क तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के आधार पर रखा गया है। 
 
भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी के सवाल पर सैनी ने कहा कि कॉपियों को देखने के लिए मंडल स्तर पर व्यवस्था इसी लिए की गई है, ताकि कॉपियों की गोपनीयता बनी रहे।
 
हथियार लाइसेंस पर घिरे मंत्री 
 
हथियार लाइसेंस मामले में गृह राज्य मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल नवीनीकरण के लंबित प्रकरणों की संख्या को लेकर विधायकों के आरोपों से घिर गए। सवालों की बौछार में वे जवाब ही नहीं दे पाए तो शांति धारीवाल उनके बचाव में आए। 
 
प्रतिपक्ष के नेता कटारिया, भाजपा के राधेश्याम गंगानगर, माकपा के पवन दुग्गल आदि ने सवालों पर सवाल दागे। इससे पहले उनके एक सवाल पर सरकार ने अकेले अनूपगढ़ में 2,500 मामले लंबित होने की जानकारी दी। इस पर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को बचाव में आना पड़ा। 
 
शराबबंदी की मांग उठी  
 
भाजपा विधायक केसाराम चौधरी ने प्रश्नकाल के दौरान शराबबंदी की मांग उठाई। आबकारी विभाग की शराब तस्करी रोकने की कार्रवाई के सवाल के दौरान केसाराम चौधरी ने कहा कि सामने गांधीजी बैठे देख रहे हैं और आप शराब बेचकर राज्य के विकास की बात कह रहे हैं। 
 
आबकारी से संबंधित सवालों का जवाब दे रहे नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि जनता पार्टी के शासन में शराब बंद करके हश्र देख लिया गया है। 
 
जवाब देने के दौरान धारीवाल से बार-बार आबकारी को आबाकारी बोलने पर सदन में हंसी के फव्वारे भी छूटे। आबाकारी के जवाब में विधायकों ने इसे लाभाकारी बता दिया।
 
आयोग का कार्यकाल बढ़ा
 
राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके राज्य शहरीकरण आयोग का कार्यकाल अब 31 मार्च 2014 तक बढ़ा दिया है। आयोग का कार्यकाल इसी माह पूरा हो रहा था। नगरीय विकास विभाग के अनुसार फरवरी, 2011 में राज्य शहरीकरण आयोग का गठन किया गया।  
 
आयोग शहरीकरण की वर्तमान स्थिति का सभी पहलुओं से अध्ययन करके वर्ष 2030 तक की आवश्यकताओं का आकलन कर सरकार को सुझाव देगा।
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