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Home >> Rajasthan >> Ajmer >> Temple Dispute: SDM Melee, The Panchayat Sarpanch Building With Closed
मंदिर को लेकर विवाद: SDM से हाथापाई, सरपंच संग किया पंचायत भवन में बंद
Bhaskar News
| Jan 26, 2013, 06:20AM IST

अजमेर.अजमेर की श्रीनगर पंचायत समिति के तिहारी गांव में शुक्रवार को आम रास्ते की जमीन पर मंदिर बनाने और शिवलिंग स्थापित करने के दौरान जाटों और बैरवाओं के बीच विवाद पैदा हो गया। हालात नियंत्रण करने पहुंचे नसीराबाद के एसडीएम और स्थानीय सरपंच को भी ग्रामीणों ने बंद कर दिया। उनके साथ हाथापाई की कोशिश की गई। जिला प्रशासन ने अजमेर और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर बुलवा लिया।
पुलिस ने शिवलिंग जब्त कर लिया, लेकिन देर शाम दोनों पक्षों में समझौते के बाद बैरवा समाज को लौटा दिया। एसडीएम ने जमीन विवाद को देखते हुए श्रीनगर थाना प्रभारी को रिसीवर नियुक्त कर दिया है। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करवाई है जिसका अध्ययन करने के बाद मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक विवाद दो-तीन महीने पुराना है। बैरवा समाज के लोग करीब ढाई सौ वर्ग गज जमीन के एक टुकड़े पर मंदिर बनाकर शिवलिंग स्थापित करना चाहते थे। जमीन की किस्म गैर मुमकिन रास्ता है। जाट समाज के लोगों ने इसका विरोध किया।
विरोध करने वालों ने उपखंड अधिकारी नसीराबाद के समक्ष वाद पेश कर दिया जिस पर उन्होंने 22 दिसंबर 2012 को स्टे जारी कर दिया। करीब एक माह की शांति के बाद ताजा विवाद गुरुवार से फिर शुरू हो गया। बैरवा समाज के लोगों ने जमीन पर चार दीवारी बना दी। शुक्रवार को एक चबूतरा बनाकर इस समाज के लोग आज जब शिवलिंग स्थापित कर रहे थे तब मामले ने तूल पकड़ लिया।
जाट समाज ने इसकी शिकायत पुलिस को कर दी। नायब तहसीलदार संतोष कुमार नेगिया पुलिस के साथ पहुंचे और उन्होंने चबूतरी निर्माण रुकवा दिया। लेकिन बैरवा समाज के लोग माने नहीं और उन्होंने शिवलिंग स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे विवाद बढ़ गया। बैरवा समाज के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाकर वार्ता की शर्त रख दी।
उत्तेजित भीड़ ने अधिकारी को दी भद्दी गालियां
नसीराबाद के उपखंड अधिकारी गजेंद्र सिंह चारण, तहसीलदार बुद्ध सिंह, नायब तहसीलदार, श्रीनगर थाना पुलिस मय जाब्ता पहुंचे लेकिन उस समय तक बैरवा समाज के लोग मौके से जा चुके थे।
उपखंड अधिकारी ने शिवलिंग जब्त कर श्रीनगर थाना प्रभारी के सुपुर्द कर दिया। इसी दौरान सरपंच लक्ष्मी नारायण रील के साथ उपखंड अधिकारी व अन्य अधिकारी पंचायत भवन में आ गए। इसी बीच मौके पर बैरवा समाज के लोग वापस पहुंचे उपखंड अधिकारी द्वारा शिवलिंग जब्त कर लिए जाने की जानकारी मिलने से उनमें रोष फैल था। बैरवा समाज के लोगों की उत्तेजित भीड़ पंचायत भवन जा पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उपखंड अधिकारी से हाथापाई की गई, भद्दी गालियां भी दीं। भीड़ से बचने के लिए उपखंड अधिकारी सरपंच के साथ पंचायत भवन के एक कमरे में घुस गए। भीड़ ने उस पर ताला लगा दिया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। थाना प्रभारी सुशीला विश्नोई को भी ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
हालात बिगड़ते देख मंगवाया और जाब्ता
हालात बिगड़ते देख किशनगढ़, नसीराबाद और अजमेर से भारी संख्या में पुलिस बल मंगवा लिया गया। अजमेर से एडीएम गजेंद्र सिंह भी तिहारी गांव पहुंचे। उन्होंने ताले खुलवाए। इसके बाद ही सरपंच और उपखंड अधिकारी बाहर आ सके।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय सरपंच लक्ष्मीनारायण रील व अन्य ग्रामीणों की मदद से देर शाम दोनों पक्षों में समझौता कराने में सफलता हासिल कर ली। समझौते के मुताबिक बैरवा समाज के लोगों को शिवलिंग लौटा दिया गया। श्रीनगर थाना प्रभारी सुशीला विश्नोई को उपखंड अधिकारी ने जमीन पर रिसीवर नियुक्त कर दिया। गांव में फिलहाल पुलिस बल तैनात है ताकि दोनों पक्षों में किसी प्रकार का विवाद न हो।
यह हुआ समझौता
दस्तावेजों में विवादित जमीन बैरवाओं की बेरी (कुआं) के नाम दर्ज है। वैसे किस्म गैर मुमकिन रास्ता है। विवाद 0.08 हेक्टेयर जमीन पर है। जाटों और बैरवाओं के बीच कई घंटों तक अलग चरणों में वार्ता के बाद समझौता हुआ कि बेरी के पश्चिम दिशा में 68 फीट, पूर्व दिशा में 68 फीट और दक्षिण दिशा में 95 फीट जमीन बैरवा समाज को दी जाएगी। उत्तर दिशा से जमीन में प्रवेश का मार्ग है।
थाना प्रभारी की रही लापरवाही
श्रीनगर थाना प्रभारी सुशीला विश्नोई की इस सारे मामले में लापरवाही रही। गांव के दोनों गुटों के बीच कई महीनों से विवाद चल रहा था। बैरवा समाज के लोग मंदिर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, इसकी जानकारी भी उन्हें थी, बावजूद इसके पूरे मामले को उन्होंने हल्के में लिया, परिणाम स्वरूप शुक्रवार को इतना बड़ा घटनाक्रम हो गया। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे
मौके पर भारी संख्या में उत्तेजित ग्रामीण थे। भीड़ ने क्या क्या किया इन सबकी मौके पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करवाई गई है। इनका अध्ययन किया जा रहा है। घटनाक्रम के मुताबिक मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
- गजेंद्र सिंह चारण, एसडीएम नसीराबाद







