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18 साल के युवा की छोटी सी कोशिश का नतीजा देखेंगे दुनिया के 80 देश!
Gagan Gurjar
| Dec 09, 2011, 00:03AM IST
जयपुर में निर्मित इस एस्ट्रे का अनावरण नई दिल्ली स्थित भारत पर्यावास भवन में जुलाई 2011 को फैशन डिजायनर राहुल बाल ने किया था इस एस्ट्रे तो विश्व स्वस्थ्य संगठन(WHO) के धूम्रपान विरोधी अभियान का प्रतीक बताते हुए अक्षत कहते हैं कि धूम्रपान विरोधी टिप्पणियों से तम्बाकू से होने वाले वाले दुष्प्रभावों को लोग समझ नहीं रहे हैं इसलिए मैंने इस एस्ट्रे के माध्यम से लोगों के बीच यह अभियान चलाने का सोचा|
अक्षत का दावा है कि -वैसे तो एक एस्ट्रे धूम्रपान का प्रतीक होती है लेकिन जब आप एक बार इस एस्ट्रे पर उभरा हुआ खूबसूरत गुलाब देख लेंगे तो आप धूम्रपान से नफरत करने लगेंगे|
चालीस दिन में कम्प्लीट हुआ था यह एस्ट्रे
48 इंच लम्बी और इतनी ही चौड़ी व्हाइट मेटल और सोने से बनी इस एस्ट्रे पर राजस्थान की पारंपरिक मीनाकरी चढ़ाई गई है इस एस्ट्रे की ऊंचाई 12 इंच है। इस एस्ट्रे के निर्माण में अक्षत को 40 दिन का समय लगा।
इस एस्ट्रे पर उभरा हुआ गुलाब एस्ट्रे की खूबसूरती को तो बढ़ाता ही है साथ ही यह सन्देश भी देता है जैसे सिगरेट की राख से गुलाब की खूबसूरती छुप जाती है ठीक वैसे ही स्मोकिंग का धुंआ हमारे फेंफडों और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुक्सान पहुंचा सकता है और मौत के मुंह तक भी ले जा सकता है।
रिकॉर्ड होल्डर परिवार से है अक्षत का रिश्ता
अक्षत दो बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले अमित पबुवाल के बेटे है जिन्होंने ट्राफी निर्माण में दो बार गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया है, अक्षत के पिता रिलायंस क्रिकेट वर्ल्ड कप,विल्स क्रिकेट वर्ल्ड कप,इंडपेंडेंस कप, हीरो कप , एमआरएफ क्रिकेट वर्ल्ड कप, टी-20 वर्ल्ड कप आदि में ट्राफी बना चुके हैं। WHO, बिल गेट्स फाउन्डेशन जैसी कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने अक्षत के इस कार्य की सराहना की, अक्षत इस संस्थाओं की मदद से इस तरह के सौ एस्ट्रे और बनायेंगे और अपना धूम्रपान विरोधी यह अभियान 80 देशों में चलाएंगे।





