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28 को केंद्रीय बजट में हो सकती है हमारी रिफाइनरी की घोषणा
Bhaskar News
| Feb 23, 2013, 16:05PM IST

जयपुर.केंद्र सरकार के 28 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में राजस्थान के बाड़मेर में रिफाइनरी लगाने की घोषणा होने की संभावना है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने इस आशय के संकेत दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय से वित्त मंत्रालय को भेजे गए प्रस्तावों में राजस्थान की रिफाइनरी से संबंधित दस्तावेज भी हैं।
शुक्रवार को जैसलमेर के चांधन में हुए वायुसेना के युद्धाभ्यास के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य के पेट्रोलियम मंत्री राजेंद्र पारीक ने प्रधानमंत्री मनमोहन से हुई मुलाकात के दौरान रिफाइनरी को लेकर चर्चा की।
राज्य सरकार रिफाइनरी के 56 हजार करोड़ रुपए के पैकेज पर पहले ही सहमति दे चुकी है। गहलोत ने गुरुवार रात को पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली से भी बातचीत की थी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को भी मोइली से बातचीत की। मोइली राजस्थान के बजट से पहले रिफाइनरी की घोषणा कराने के लिए गंभीर हैं।
भास्कर ने जब पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने भी संकेत दिया कि इस बारे में अगला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण है और उसमें राजस्थान के लिए काफी उम्मीदें हैं। उनकी जानकारी के अनुसार बाड़मेर में एचपीसीएल की ओर से 9 मिलियन टन क्षमता की रिफाइनरी लगाई जाएगी।
एचपीसीएल ने इस संबंध में विभिन्न एजेंसियों से रिपोर्ट तैयार करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए दो तरह के प्रस्ताव विचाराधीन है। इसमें पहला प्रस्ताव फ्यूल रिफाइनरी मय पॉलीप्रॉपीलीन प्रोडक्शन का है, जिस पर 29,981 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है।
दूसरे प्रस्ताव में फ्यूल रिफाइनरी मय स्टीम क्रेकर फॉर प्रोडक्शन ऑफ पॉलीमर्स का है। इस पर 37,237 करोड़ की लागत होगी। माना जा रहा है कि राजस्थान में दूसरी तरह की रिफाइनरी लगने की संभावना है।
राजस्थान ने दिया 56,040 करोड़ का पैकेज
एचपीसीएल की मांग और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की सलाह के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को ही राज्य की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में 3,736 करोड़ रुपए सालाना 15 साल के लिए देने की मंजूरी दी है। इसके अनुसार एचपीसीएल को कुल पैकेज 56,040 करोड़ रुपए को होगा।
यह पैकेज रिफाइनरी के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के साथ लागू होगा। इस पैकेज के बारे में राज्य के दो अधिकारी पिछले दिनों मुंबई में एचपीसीएल के अधिकारियों से चर्चा करके आए हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने पैकेज को मंजूरी देने के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली से एचपीसीएल के बोर्ड में इस रिफाइनरी को अनुमोदित कराने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले त्रिपाठी कमेटी की रिपोर्ट में 4.5 मिलियन सालाना की क्षमता वाली रिफाइनरी लगाने की सिफारिश की थी और राज्य सरकार ने इसी के अनुसार पैकेज की भी घोषणा कर दी थी। अब क्षमता बढ़ने के साथ ही पैकेज का आकार भी बदला गया है।
राजस्थान को ये फायदे
बाड़मेर-सांचौर बेसिन में पेट्रोलियम के 7.3 बिलियन बैरल (757.44 मिलियन टन) के अनुमोदित भंडार हैं। इस भंडार से 9 मिलियन टन सालाना क्षमता की रिफाइनरी के अगले 40 साल तक चलने की संभावना है।
इस भंडार का उचित दोहन होते रहने से यह पैकेज राज्य के लिए भारी नहीं होगा। वैसे मुख्यमंत्री रिफाइनरी से निकलने वाले पॉलीप्रॉपीलीन उत्पाद से जुड़ी एक इकाई जोधपुर में स्थापित करने का संकेत भी दे चुके हैं।







