9 राज्यों में 7 घंटे ब्लैकआउट, राजस्थान सहित देश के 20 करोड़ लोग प्रभावित

नई दिल्ली /जयपुर.राजस्थान सहित उत्तर भारत के नौ राज्यों में सोमवार को करीब सात घंटे तक ब्लैकआउट रहा। इससे करीब 30 करोड़ लोग प्रभावित हुए। खराबी उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ग्रिड में रविवार रात 2:32 बजे आई थी। जयपुर में सोमवार सुबह 9:30 बजे जरूरी आपूर्ति शुरू हो सकी। कई जगह 15 घंटे बिजली नहीं आई।
केंद्रीय बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि शाम सात बजे तक सभी जगह आपूर्ति शुरू हो गई है। ग्रिड फेल होने के कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण प्रमुख एस बख्शी इसके अध्यक्ष होंगे। उत्तरी ग्रिड में ऐसी खराबी 11 साल बाद आई है। उप्र में बिजली व्यवस्था सुधारने में नाकाम रहने पर पावर कॉपरेरेशन के सीएमडी को हटा दिया गया है।
उत्पादन भी प्रभावित :
सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी के मुताबिक 6 पावर प्लांट से 8000 मेगावाट का उत्पादन प्रभावित हुआ। इनमें रिहंद में 2500, सिंगरौली में 2000, दादरी में 1820, औरेया में 652, आंटा में 413 और बदरपुर में 705 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ।
अमेरिका को 4 दिन लगे थे हमने कुछ घंटे में ठीक किया : शिंदे
ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि 2008 में अमेरिका में ऐसा ही ग्रिड फेल्योर हुआ था, यह चार दिन में ठीक हुआ था। हमने तो इसे कुछ घंटों में ही ठीक कर लिया।
जयपुर आने-जाने वाली ट्रेनों में अटके 15 हजार लोग
जयपुर में पानी सप्लाई, रावतभाटा का परमाणु बिजलीघर ठप
>जयपुर में सुबह 4 से 8 बजे होने वाली पानी की सप्लाई ठप। १क् बजे बाद आया पानी।
>अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज रहे परेशान।
>राजभवन, सीएम निवास की भी बिजली गुल।
>प्रदेश की 22 में से 6 बिजली इकाइयां सोमवार शाम तक बंद रहीं।
>जयपुर में सवा लाख और प्रदेशभर में तीन लाख से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां ठप। सोमवार देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं। करीब 500 करोड़ का नुकसान।
>पश्चिमी ग्रिड से उधार मांगी गई बिजली।
>रावतभाटा परमाणु बिजलीघर की पांच इकाइयां ठप। यहां ११क्क् मेगावाट बिजली बनती है।
>जोधपुर में 12 घंटे बिजली गुल। सूरतगढ़ में दस घंटे ठप रही थर्मल की पांचों इकाइयां।
>कोटा में सात ट्रेनों पर असर। उदयपुर में शहर के 30 % क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित रही।
>अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में 20 ऑपरेशन टाले गए।
>राजस्थान को उत्तरी ग्रिड से 2000मेगावाट बिजली मिलती है। फिलहाल १४क्क् मेगावाट की आपूर्ति शुरू हुई है।
..और देश में
> 300 ट्रेनें,200 मालगाड़ियां अटकीं।
>दिल्ली के एम्स समेत कई अस्पतालों में बेहद जरूरी ऑपरेशन ही किए गए। >दिल्ली मेट्रो सुबह 6 से 7 बजे तक बंद।
>दिल्ली मेट्रो को चलाने के लिए भूटान, एम्स और प्रधानमंत्री को मिलने वाली बिजली से व्यवस्था जुटाई गई।
>ट्रैफिक सिग्नल बंद, सड़कों पर जाम।
कहां-कहां असर
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उप्र, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हिमाचल।
कारण क्या?
>विद्युत आपूर्ति की सामान्य फ्रीक्वेंसी 48.5 से 50.2 हट्र्ज के बीच होती है।
>जब ग्रिड फेल हुआ उस वक्त फ्रीक्वेंसी 50.46 हट्र्ज थी।
>दिल्ली के बिजली मंत्री हारून यूसुफ ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के निर्धारित मात्रा से अधिक बिजली लेने के कारण खराबी। आगरा के पास हुआ है फाल्ट।
ग्रिड के मायने
पावर प्लांटों में उत्पादन के बाद बिजली ग्रिड के जरिये विभिन्न हिस्सों में सप्लाई की जाती है। देश में पावर ग्रिड के पांच क्षेत्र हैं: उत्तरी, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर। देश की 51 फीसदी बिजली इन ग्रिड से डिस्ट्रीब्यूट होती है। उत्तरी ग्रिड से देश की 28 फीसदी आबादी को आपूर्ति होती है। फिलहाल उत्तरी ग्रिड पूर्वी और पश्चिमी ग्रिड के अलावा पड़ोसी देश भूटान से भी बिजली ले रहा है।
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