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एसी जला, दम घुटा और मौत के मुंह में समा गया कर्मचारी
Bhaskar News
| Aug 05, 2012, 02:44AM IST

जानकारी के अनुसार क्रिस्टल मॉल की 7 वीं मंजिल पर बने ऑफिस में रात 11 बजे आग लग गई। ऑफिस में रात को वहां काम करने वाला बिहार मधेपुरा निवासी प्रशांत कुमार महतो (35) सो रहा था। आग लगने पर धुंए से उसका दम घुट गया। ऑफिस में आग लगने पर वहां लगे फायर फाइटिंग सिस्टम के अलार्म बज उठे। अलार्म की आवाज सुनकर मॉल की सुरक्षा कर रहे सुरक्षा कर्मी ऑफिस में गए।
उन्होंने ऑफिस के गेट का शीशे का दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसे। ऑफिस में आग लगी हुई थी। जिससे वहां पड़ी कुर्सी और कंप्यूटर जल गए। सुरक्षा कर्मियों ने ऑफिस के मालिक को घटना की सूचना दी। वे मौके पर पहुंचे और प्रशांत को अचेत अवस्था में एसएमएस अस्पताल पहुंचाया जहां मृत घोषित कर दिया। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक रोहिताश्व कुमार हैं। देर रात तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।
जलने पर स्प्लिट एसी गैस ज्यादा खतरनाक
एसी में डाईक्लोरोडाईफ्लोरोमीथेन गैस होती है जो एक प्रकार की क्लोरोफ्लोरो कार्बन (सीएफसी) है। इसके लीक होकर त्वचा के संपर्क में आने से सूखापन, खुजली और त्वचा के फटने जैसा असर होता है। कमरे में इसकी ज्यादा मात्रा भरने से खांसी, सांस फूलना, बेहोशी और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
एसी के जलने की स्थिति में कार्बन मोनो-ऑक्साइड भी कमरे में फैल सकती है जो घातक है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को दुर्घटना का अहसास भी नहीं होता और बेहोशी में मौत हो जाती है। ऐसा स्प्लिट एसी में ज्यादा होता है। जबकि विंडो एसी का ज्यादातर हिस्सा खिड़की से बाहर होता है इसलिए खतरा कम है।






