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डबल डेकर एसी ट्रेन के लिए करना पड़ सकता है और इंतज़ार
विनोद मित्तल
| Jun 01, 2012, 04:39AM IST

इस खामी के कारण ट्रेन के एसी ठीक से काम नहीं कर रहे। इसके अलावा इन नए प्रकार के कोच से पावर सर्किट डायग्राम व स्विच बोर्ड सर्किट डायग्राम भी यहां नहीं पहुंच सके हैं। ऐसे में बिजली इंजीनियरों के लिए इस खराबी को दूर कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
पिछले महीने इस ट्रेन का जयपुर दिल्ली के बीच परीक्षण किया गया था। इस दौरान ट्रैक से संबंधित जांच की गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रैक व रेलवे ओवरब्रिज को लेकर किसी भी प्रकार की खामी सामने नहीं आई थी। इससे लोगों को यह ट्रेन जल्दी चलने की उम्मीद बंधी थी। लेकिन वोल्टेज की समस्या और रेलवे संरक्षा आयुक्त से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण यह ट्रेन अभी पटरी पर नहीं दौड़ पा रही है।
रेलवे प्रशासन ने रेल कोच फैक्ट्री से इस ट्रेन के अतिरिक्त पार्ट्स भी मंगवाए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर खराबी तुरंत दूर की जा सके, लेकिन यह पार्ट्स भी अभी पर्याप्त संख्या में जयपुर नहीं पहुंच सके हैं। ट्रेन में तकनीकी खामी और इसकी लगातार टलती संचालन तिथि के बारे में डीआरएम जयपुर जी.सी.बुदलाकोटि से बात की। उनका कहना है- इस ट्रेन को चलाने के लिए रेलवे सेफ्टी कमिश्नर के पास आवेदन किया हुआ है। वहां से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। डिब्बों में सही तरीके से वोल्टेज नहीं पहुंचने की तकनीकी खामी कोई खास नहीं है।
ये हैं ट्रेन में कमियां
1. डबल डेकर ट्रेन के सभी एसी कोच में वोल्टेज की समस्या है। एक जेनरेटर से 10 कोच तक ही वोल्टेज जा पा रहे हैं, जबकि 13 डिब्बों तक जाने चाहिए। कम वोल्टेज के कारण ट्रेन के एसी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। रेल कोच फैक्ट्री के स्टाफ ने पिछले दिनों इस परेशानी को देखा था, लेकिन दूर नहीं कर पाए।
2. ट्रेन में किसी भी प्रकार की खराबी को दूर करने के लिए अभी एनुअल मेंटिनेंस कांट्रेक्ट (एएमसी) ही नहीं दिया गया है। यह प्रक्रियाधीन है।
3. रेल कोच फैक्ट्री ने सभी डिब्बों का पावर सर्किट डायग्राम, कंट्रोल सर्किट डायग्राम, स्विच बोर्ड केबिनेट एंड लाइट फेन सर्किट डायग्राम अभी नहीं भेजा है। इसके अभाव में इनसे संबंधित खराबी को दूर नहीं किया जा सकता।
4. ट्रेन चलने के बाद अगर एसी में खराबी आ जाए या कंप्रेशर फेल हो जाए तो अभी यहां अतिरिक्त कंप्रेशर नहीं है। रेलवे प्रशासन ने संबंधित कंपनियों से 3 से 4 कंप्रेशर और मंगवाए हैं। यह भी नहीं पहुंचे।
5. रेल कोच फैक्ट्री से 20 स्पेयर पार्ट्स मंगवाए गए थे। इनमें से 19 तो आ गए, लेकिन एक नहीं आया। रेलवे प्रशासन ने इसके अलावा भी 13 स्पेयर पार्ट्स और मंगवाए गए थे. वे भी नहीं पहुंचे हैं।
हमारी डबल डेकर 110 km p/h
समय :
जयपुर से सुबह 6 बजे रवाना होकर 9:38 बजे गुडग़ांव, 10:05 बजे दिल्ली कैंट और 10:30 बजे दिल्ली सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। वापसी में शाम 5:35 बजे दिल्ली सराय रोहिल्ला से रवाना होकर शाम 5:53 बजे दिल्ली कैंट, 6:12 बजे गुड़गांव और रात 10:05 बजे जयपुर।
किराया : जयपुर से गुड़गांव 327 रुपए प्रतिव्यक्ति
जयपुर से दिल्ली कैंट : 337 रुपए प्रतिव्यक्ति
जयपुर से दिल्ली सराय रोहिल्ला : 347 रुपए प्रतिव्यक्ति
कोच की क्षमता : 120 यात्री।
कुल कोच : 13 कोच हैं ट्रेन में।
कोच की लंबाई : 23700 एमएम
चौड़ाई : 3050 एमएम ऊंचाई : 4366 एमएम
कोच की विशेषता :
दोनों तरफ वाटर प्यूरीफायर, दोनों तरफ अग्निशमन उपकरण, दरवाजे पूरी तरह से ऑटोमेटिक, एक कोच में 8 इमरजेंसी विंडो, हर कोच में यात्री सूचना प्रणाली व लाउड स्पीकर सिस्टम लगाया गया है।
4 माह, 6 बार टली चाल
डबल डेकर एसी ट्रेन जयपुर-दिल्ली नॉन स्टॉप ट्रेन की जगह चलेगी। नॉन स्टॉप 29 फरवरी तक चलनी थी। तब से अब तक 4 माह में डबल डेकर ट्रेन चलाने की तारीख 6 बढ़ाई जा चुकी है।
1. 29 फरवरी से बढ़ाकर पहले 3 मार्च तक नॉन स्टाप ट्रेन को चलाने का निर्णय किया गया।
2. 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल तक संचालन अवधि बढ़ाई।
3. 30 अप्रैल से बढ़ाकर 20 मई तक नॉन स्टाप ट्रेन बढ़ाई।
4. 20 मई से बढ़ाकर 31 मई तक संचालन तिथि तय की।
5. 31 मई तक चलने वाली नॉन स्टॉप ट्रेन के संचालन की अवधि अभी 5 जून तक तय की गई।
6. जयपुर-दिल्ली नॉन स्टॉप ट्रेन की संचालन अवधि 20 जून तक बढ़ा दी गई है।
..और आगे कितने दिन?
ट्रेन 20 जून तक भी नहीं चली तो पता नहीं कितने दिन और लोगों को डबल डेकर के लिए इंतजार करना पड़ेगा।





