जयपुर.सरकार ने प्रदेश में शराब के ठेकेदारों पर मेहरबानी दिखाते हुए मौजूदा शराब नीति में कोई बदलाव नहीं किया है। ठेकेदारों की मौजूदा शराब की दुकानों के लाइसेंस अगले दो साल तक मान्य रहेंगे। लाइसेंस फीस को भी 10 से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है।
यह व्यवस्था अगले दो साल तक जारी रहेगी। इसके साथ ही भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) के खुदरा लाइसेंसी को पव्वे के विक्रय पर कोस्ट शीट पर मार्जिन को 20 से बढ़ाकर 23 प्रतिशत कर दिया गया है। आबकारी नीति को जारी रखने का फैसला मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किया गया। शेष त्न
आबकारी मंत्री राजेंद्र पारीक ने बताया कि आईएमएफएल, बीयर की दुकानों, देसी मदिरा समूहों, भांग और डोडा पोस्त के समूहों के लाइसेंस का नवीनीकरण आने वाले दो साल के लिए किए जाएंगे। इन दुकानों के लिए अगले साल लाइसेंस फीस 8 प्रतिशत की दर से बढ़ाई जाएगी और उससे अगले साल भी इसी दर से बढ़ेगी। वृद्धि अगले वित्त वर्ष में और फिर इतनी ही वृद्धि उससे आगे के वित्त वर्ष में होगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा शराब की दुकानों के जो लाइसेंसधारक आगे दुकान नहीं चलाना चाहेंगे, उन्हें दुकान बंद करने की इजाजत होगी। ऐसी खाली होने वाली दुकानों को लॉटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा।
अवैध कारोबार करने वाली बस्तियों में होंगे विकास काम :
शराब के अवैध कारोबार करने वाली जातियों के पुनर्वास के लिए इस बार नवजीवन योजना में नए प्रावधान जोड़े गए हैं। नवजीवन योजना के तहत अब अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी जातियों की बस्तियों में विकास के काम करवाए जाएंगे। नवजीवन योजना में अब इन बस्तियों में सड़क निर्माण, सेनिटेशन, ड्रेनेज, पानी बिजली सहित अन्य विकास के काम कराए जाएंगे। अब तक नवजीवन योजना में शराब का अवैध कारोबार करने वाले परिवारों के पुनर्वास के लिए शिक्षा और रोजगार के ही काम होते थे।
नीति में ये भी प्रावधान शामिल :
- 40, 50 और 60 यूपी की तेजी की शराब का उत्पादन और सप्लाई की जाएगी। 40 यूपी पर स्ट्रांग की उल्लेख होगा। कुल सप्लाई लेने वालों को 30 प्रतिशत 40 यूपी और 50 प्रतिशत 60 यूपी लेना होगा।
-40 यूपी कार्टन का निर्गम मूल्य 355 रुपए, 50 यूपी का 330 रुपए और 60 यूपी का 290 रुपए होगा। जीएसएम निजी बोटलर से भराई करवा सकेगा।
- शहरों में आईएमएफएल शराब और बीयर की दुकानों की लाइसेंस फीस नगर पालिका की श्रेणी के अनुसार 20 से 30 प्रतिशत तक प्रति वर्ष बढ़ोतरी होगी।
-किसी भी ब्रांड के बोतल, अद्धा एवं पव्वे के कार्टन के घोषित एक्स डिस्टलरी मूल्य के आधार पर ही उस पर आरोपित होने वाले आबकारी शुल्क का निर्धारण किया जाएगा। बोतल एवं अद्धा के अधिकतम मूल्य को अगले पांच रुपए तक राउंड ऑफ करने और पव्वे एवं बीयर के अधिकतम मूल्य को आगामी एक रुपए तक राउंड ऑफ किया जाएगा। पहले इसमें पांच रुपए का राउंड ऑफ था।
- होटल, रेस्टोरेंट एवं क्लब बार की बेसिक लाइसेंस फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
- बीयर निर्यात परमिट फीस 1.50 रुपए प्रति बल्क लीटर निर्धारित किया जाएगा।
समय में कोई बदलाव नहीं
शराब की दुकानों के खुलने और बंद होने के समय में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये पहले की तरह सुबह 10 से रात 8 बजे तक ही खुलेंगी।
दुकानें बनाकर देगा विभाग
किराए की दुकानों में चलने वाली शराब की दुकानों के लिए सरकार अब स्थायी जगह उपलब्ध करवाएगी। आबकारी विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। दुकानें 20 गुणा 10 फीट आकार की होंगी।
इसके लिए उन जगहों का चयन किया जाएगा जो आबकारी नीति के प्रावधानों के अनुसार धार्मिक स्थल, शिक्षण संस्थान आदि से दूर हो। और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों से निर्धारित दूरी पर हो और उस स्थान पर दुकान खुलने से कोई विवाद नहीं हो।
निजी विश्वविद्यालय राज्य से बाहर नहीं खोल सकेंगे केंद्र
प्रदेश में चल रहे निजी विश्वविद्यालय अब राजस्थान के बाहर अपने स्टडी सेंटर या कोई अन्य केंद्र नहीं खोल सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मिले निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने इस पर रोक लगाई है।
बुधवार को कैबिनेट की बैठक में नियमों के उल्लंघन का मामला उठा था। प्रदेश में अभी 25 निजी विश्वविद्यालय हैं। हालांकि सरकार ने राज्य में दूसरे प्रदेशों के विश्वविद्यालयों के केंद्रों के बारे में कोई फैसला नहीं किया। राज्य में दूसरे प्रदेशों के कई निजी विश्वविद्यालयों के केंद्र चल रहे हैं। जिनमें दूरस्थ शिक्षा से लेकर नियमित पाठ्यक्रमों तक में प्रवेश दिए जाते हैं।