अचानक कानों में पड़ी दर्द भरी चीख, जाकर देखा तो सहम गया हर दिल!

जयपुर.महेश नगर की मूर्तिकला कॉलोनी में सोमवार देर रात बाइक सवार दो बदमाशों ने युवक जितेंद्र शर्मा को उसके घर के सामने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। लपटों से घिरे युवक की चीख पुकार सुनकर परिजनों व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। जितेंद्र को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद अस्पताल में तीन थानों की पुलिस बुला ली गई। करीब दो घंटे बाद पुलिस की समझाइश पर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। महेश नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भाई के लिए पहली मंजिल से कूदा :
बड़े भाई को आग से घिरा देखकर पहली मंजिल पर सो रहा विपिन वहीं से कूद गया। उसके एक पैर में फ्रेक्चर हो गया। इसके बाद भी घसीटता हुआ भाई के पास पहुंचा और मिट्टी फैंक कर आग बुझाने का प्रयास किया।
परिजनों ने आग बुझाकर अस्पताल पहुंचाया :
चीखते हुए जितेंद्र घर की तरफ दौड़ा, तब परिजन व आस पड़ौस के लोग मकानों से बाहर आ गए। उन्होंने पानी डालकर आग बुझाने के बाद जितेंद्र को एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया। उसकी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार वह 65 प्रतिशत झुलस गया था।
डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप
जितेंद्र की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और शव को अस्पताल में इमरजेंसी के गेट के बाहर स्ट्रेचर पर रखकर हंगामा कर दिया। परिजनों ने दो घंटे तक शव को इमरजेंसी के बाहर रखे रखा और इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने मोती डूंगरी थाने में डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का परिवाद दिया। जिससे वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
तीन बेटी व एक बेटे का पिता था जितेंद्र
जितेंद्र तीन बेटी व एक बेटे का पिता था। घटना के बाद पत्नी डॉली और बेटियों कुसुम(6),ममता(4), गुड्डू (2) और बेटे कृष्ण का रो- रोकर बुरा हाल था। जितेंद्र के पिता राधेश्याम शर्मा राजस्थान रोडवेज में तकनीकी कर्मचारी है। अस्पताल से शव जैसे ही घर पहुंचा मां विमला देवी और भाई योगेंद्र,विपिन,संदीप का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
तीन युवकों पर संदेह, दो हिरासत में
मौत से पहले जितेंद्र ने अपनी ही कॉलोनी के केशव, रतन और भारत नाम के तीन युवकों के नाम बार-बार लिए। परिजनों ने पुलिस को बताया कि गत चार दिन से तीनों युवक जितेंद्र को घर से ले जाते थे और साथ बैठकर शराब पीते थे। पुलिस ने इनमें से दो को हिरासत में लिया है। मृतक के बड़े भाई योगेंद्र व छोटे भाई विपिन ने पुलिस को बताया कि जगतपुरा निवासी मुनीम मीणा ने भी जितेंद्र को जान से मारने की धमकी दे रखी थी।
इस संबंध में रविवार को ही मामला दर्ज कराया गया था।उनको 4 माह पहले कीमती दो चोरी के मोबाइल बेच दिए थे। इसके बाद मोबाइल ट्रेस होने पर घर पहुंची पुलिस को मोबाइल सौंप दिए थे। मुनीम मीणा से मोबाइल के रुपए वापस लेने की बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद मुनीम ने मोबाइल फोन पर मारने की धमकी दी थी। रविवार को इस मामले की रिपोर्ट महेश नगर थाने में दर्ज करवाई थी।
साइड को लेकर हुआ था विवाद
एसीपी अनिल राव ने बताया कि जितेंद्र शर्मा उर्फ साजन (25) अपनी इनोवा कार को ट्रैवल एजेंसी के जरिए चलाता था। सोमवार को वह दोस्तों से मिलकर रात करीब डेढ़ बजे करतारपुरा से ऑटो में बैठकर घर आ रहा था। साइड की बात को लेकर जितेंद्र व ऑटो ड्राइवर की बाइक सवार दो युवकों से कहासुनी हो गई। दोनों युवक धमकी देकर चले गए। इसके बाद घर के नजदीक ऑटों से उतरकर जितेंद्र पैदल घर जा रहा था। तभी बाइक सवार दोनों बदमाश पहुंचे। इनमें से एक ने जितेंद्र पर पेट्रोल छिड़का और दूसरे ने आग लगा दी।
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