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जब हेलमेट हो गया चकनाचूर तो हादसा ..बाप रे बाप...

 
Source: Bhaskar News   |   Last Updated 02:16(09/02/12)
 
 
 
 

जयपुर.टोंक रोड स्थित बी-2 बाईपास चौराहे पर बुधवार सुबह कॉलेज जा रहे इंजीनियरिंग छात्र की सड़क हादसे में मौत हो गई। बी 2 बाईपास की तरफ से आ रहा अज्ञात वाहन छात्र को कुचलकर भाग निकला। जिसका पता नहीं चल सका है।

 

 

हालांकि, मौके के हालात देखते हुए पुलिस का मानना है कि छात्र किसी भारी वाहन से कुचला है। परिजनों ने छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और जयपुरिया अस्पताल से शव घर ले गए। उधर बी-2 बाईपास पर भारी वाहनों के खिलाफ पहले से आंदोलनरत मानसरोवर के लोगों का इस दुर्घटना के बाद आक्रोश बढ़ गया है।

 

हादसे का शिकार सार्थक स्वरूप (18) निर्माण नगर ज्ञान विहार, स्वरूप विला निवासी डॉक्टर साकेत स्वरूप का बेटा था। वह सीतापुरा स्थित ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बी.टेक. प्रथम वर्ष का छात्र था।

 

घटना के अनुसार वह सुबह घर से स्कूटी पर कॉलेज जाने के लिए रवाना हुआ था। करीब 7:10 बजे वह न्यू सांगानेर रोड से बी-2 बाईपास होकर टोंक रोड स्थित बी-2 बाईपास पहुंचा। तभी नजदीक से गुजरे किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गिर पड़ा। इससे वाहन की चपेट में आने से उसका सिर कुचल गया। उसका हैलमेट भी चकनाचूर हो गया। सड़क पर काफी खून बिखर गया। हादसे के बाद वाहन चालक गाड़ी भगाकर ले गया।

 

तड़पता देखकर लोगों ने 108 एंबुलेंस बुलाई

 

सड़क पर लहूलुहान हालत में अचेत देखकर वहां काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। किसी व्यक्ति ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। तब एंबुलेंस वहां पहुंची और सार्थक को जयपुरिया अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी बीच वहां से गुजरे यातायात पुलिसकर्मी ने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। तब दुर्घटना थानाप्रभारी पूर्व हनुमानसिंह कविया व ट्रैफिक निरीक्षक मदनदान सिंह मौके पर पहुंचे।

 

हादसे से पहले हुई थी दोस्त से बात

 

पुलिस ने बताया कि हादसे के कुछ मिनट पहले ही सार्थक ने टोंक रोड पर तारों की कूंट के नजदीक मौजूद अपने किसी दोस्त से मोबाइल फोन पर बात की थी तथा कुछ देर में उसके पास पहुंचने को कहा था। पुलिस ने घटनास्थल पर मिले सार्थक के मोबाइल फोन से उसके दोस्त व परिचय पत्र से उसके संस्थान में घटना की जानकारी दी। इसके बाद सूचना पर सार्थक के पिता डॉक्टर साकेत व अन्य परिजन जयपुरिया अस्पताल पहुंचे।

 

यकीन नहीं हुआ, नहीं रहा बेटा

 

रोजाना की तरह घर से हंसी-खुशी से कॉलेज जाने को निकले जवान बेटे की मौत की खबर से उसके पिता साकेत पूरी तरह टूट गए। जब बेटे के शव को देखा, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ की सार्थक नहीं रहा। वे शव को झकझोरते हुए उससे उठकर चलने की कहते हुए बिलख पड़े। बाद में, परिजनों ने उन्हें संभाला। पुलिस के मुताबिक सार्थक के परिजनों की सहमति पर शव को बिना पोस्टमार्टम उन्हें सौंप दिया गया। उधर, कॉलेज में भी सार्थक की मौत का पता लगने पर साथियों में शोक छा गया। परिजनों के मुताबिक सार्थक के एक छोटा भाई भी है।

 

विरोध कर रहे लोगों में बढ़ा आक्रोश

 

उधर, बी-2 बाईपास पर भारी वाहनों का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया। सुबह 11 बजे छात्रनेता जितेशकुमार, बी 2 बाईपास संघर्ष समिति के सहसंयोजक मनीष जैन, अभय पुरोहित के नेतृत्व में स्थानीय लोग एसएफएस तिराहे पर दो घंटे तक धरने पर बैठे। जितेश कुमार की अगुवाई में युवकों ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ पोस्टर बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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