‘किंग ऑफ ज्वैल्स’ के पते पर निकला खंडहर
Source: हर्ष खटाना | Last Updated 05:02(09/02/12)
जयपुर. एचसीएल के चेयरमैन शिव नाडार की पत्नी किरण नाडार को गोविंद जौहरी ने 22 करोड़ रुपए की खरीदारी के जो बिल दिए थे, उसमें दर्शाए गए पते पर ऑफिस नहीं एक खंडहर है।
साथ ही बिल पर जो वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी नंबर (टीआईएन) दर्शाया गया है, वो संबंधित फर्म के किंग ऑफ ज्वैल्स के नहीं हैं। इस मामले में वाणिज्यिक कर विभाग में एक शिकायत भी हुई है, जिसकी जांच की जाएगी।
बिल में दर्शाया गया है कि (किंग ऑफ ज्वैल्स) का ऑफिस बी-94 सरदार पटेल मार्ग सी स्कीम पर स्थित है। जब भास्कर टीम वहां पहुंची तो कोई ऑफिस नहीं मिला। खंडहर हो चुके कमरों में रहने वाले चौकीदार नारायण सिंह ने बताया कि वह 12 वर्ष से नौकरी कर रहा है और वहीं पर रह रहा है। उनके सेठ गोविंद जौहरी हैं, लेकिन उसने आज तक मालिक को नहीं देखा है।
ये बिल उठा रहे हैं सवाल
बिल नंबर जारी तिथि राशि (रु.)
4 24.8.07 5414300
5 29.8.07 5416925
10 14.12.07 4749576
12 25.11.09 4647317
18 14.12.09 10304474
23 19.9.06 16996640
01 8.8.07 221160360
07 29.8.07 16173830
07 24.9.08 6821083
स्पष्ट नहीं 25.11.09 21620839
स्पष्ट नहीं स्पष्ट नहीं 6437500
कुल 220946074
एक फर्म के दो खाता नंबर
वाणिज्यिक कर विभाग के उपायुक्त ज्ञानाराम का कहना है कि बिल पर दर्शाया गया है कि ज्वैलरी आइटम केंद्र की एसटी अंडर कम्पोजीशन स्कीम के तहत है। इसके लिए बाकायदा एक स्लैब है, लेकिन के किंग ऑफ ज्वैल्स के प्रिंटेड बिल पर दर्शाया गया नंबर ऑरिजनल नंबर 08972109187 से मेल नहीं खाता है।
इससे पता चलता है कि कर चोरी की नीयत से ऐसा किया गया होगा। बहरहाल अब इस मामले की जांच के बाद ही सबकुछ उजागर होगा। साथ ही पता चलेगा कि इस गड़बड़ी से सरकारी राजस्व को कितना नुकसान हुआ है।
भादंसं 467, 478, 472 के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार करके धोखाधड़ी और राजस्व चोरी का अपराध बनता है। इसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
- बनवारी लाल ताखर, केंद्र के विभिन्न राजस्व विभागों के अधिवक्ता