जुल्मी पिता व सौतेली मां को मिली मासूम पर ढाए सितम की सजा

जयपुर/नई दिल्ली.13 वर्षीय शौर्य को अमानवीय यातनाएं देने वाले उसके पिता व सौतेली मां को दिल्ली की एक अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। शौर्य ने कोर्ट में अपने पिता पूर्व मेजर ललित बलहारा और सौतेली मां प्रीति द्वारा खुद पर किए गए जुल्म की सारी दास्तान बयां की थी। शौर्य ने यह भी बताया कि उसे वक्त-बेवक्त किस कदर पीटा जाता था।
जयपुर के वैशालीनगर में रहने वाले शौर्य के नाना लेफ्टिनेंट कर्नल पी एल वर्मा, नानी सावित्री देवी व मामा कर्नल देवेन्द्र ने यह लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने दिल्ली के सत्र न्यायालय में 2005 में ललित और प्रीति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। डॉक्टरी जांच में शौर्य के शरीर पर 16 फ्रैक्चर मिले थे। इसमें कहा गया था कि बच्चे की मां की मौत के बाद उसके पिता और सौतेली मां उसे यातनाएं दे रहे हैं।
इसी दौरान ननिहाल पक्ष की ओर से बच्चे की कस्टडी के लिए लगाई गई याचिका भी कोर्ट ने मंजूर कर ली थी। ललित बलहारा आर्मी से रिटायर्ड मेजर है। दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा चलाया गया। एक अगस्त को अदालत ने ललित बलहारा और उसकी पत्नी प्रीति को दोषी ठहराया था। इस फैसले के बाद इस दंपती को हिरासत में ले लिया गया था।
डॉक्टरी जांच में 16 फ्रेक्चर मिले
डॉक्टरों ने जब मामला दर्ज होने के बाद शौर्य की मेडिकल जांच की तो पाया कि उसके शरीर में 16 जगहों से हड्डियां टूटी हुई हैं। उसकी कई पसलियां टूटी पाई गईं। उसके सिर में चोट से दिमाग को भी नुकसान पहुंचा था। खोपड़ी का हिस्सा फ्रेक्चर पाया गया। इसकी सफाई में ललित-प्रीति ने उसके सोफे व टेबल से गिरने की बात कही। मुंह में बेलन डालने से उसके कई दांत टूटे पाए गए थे। होंठ कटा था तथा वह सदमे की हालत में था। उचित पोषण न मिलने के कारण शौर्य काफी कमजोर व कम वजन का पाया गया।
पूर्व मेजर, उसकी दूसरी पत्नी ने 10 साल किया अत्याचार
वर्ष 2000 में जब शौर्य डेढ़ साल का था तभी उसकी मां कैप्टन मीनाक्षी की मौत हो गई। 2002 में पिता ललित बलहारा ने प्रीति से दूसरी शादी कर ली। इसके बाद शुरू हुआ शौर्य पर सितम का सिलसिला। शौर्य को पहली बार जब अस्पताल में भर्ती करवाया गया तब उसकी उम्र मात्र 3 साल थी।
2002 में उसे कीटनाशक पीने के बाद बुरी हालत में आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शौर्य बैटर्ड बेबी सिंड्रॉम व सेरेब्रल पाल्सी नामक बीमारी से ग्रस्त है और 90% विकलांग हो चुका है। उसके शरीर का बायां हिस्सा लकवाग्रस्त हो चुका है। उसके बेहोश हो जाने तक उसकी पिटाई की जाती थी। आंखों में मिर्ची डाल दी जाती थी। पीने को बाथरूम का गंदा पानी दिया जाता था।
राक्षस की तरह मारते थे, उन्हें जेल में ही रहने दो : शौर्य
13 साल के मासूम शौर्य के सामने जब भी पिता और सौतेली मां की बात करते तो वह कहता, प्लीज! उनकी बात मत करो। वे बहुत गंदे लोग हैं। मुझे राक्षस की तरह मारते थे। उन्हें जेल में ही रहने दो। शौर्य की नानी सावित्री कहती हैं कि ललित और प्रीति को उनकी करनी का सजा मिली है। शौर्य यह जानकर बहुत खुश हो रहा है।








