सात समंदर पार से वापस आए छोरे ने कर दिखाया यह कमाल!

जयपुर.अंधेरे में डूबे रहने वाले टोंक जिले के टोडारसिंह मंडल गांव और उसके आसपास की ढाणियों के लिए सरकार जो काम नहीं कर पाई, वह सात समंदर पार से आए एक युवक ने कर दिखाया। अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग करने वाले जयपुर के युवक यशराज खेतान सोलर पैनल के जरिये इन गांव-ढाणियों को रोशन कर रहे हैं। बिजली वितरण के लिए वे अपने साथ अमेरिका से लाए एक उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस उपकरण के जरिये 20 परिवारों को 10 रु. में नौ घंटे बिजली दी जा रही है। यशराज का इस काम में उनके अमेरिकन दोस्त जैकब भी सहयोग कर रहे हैं। यशराज का सपना राजस्थान के इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड के साथ काम करने का है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों युवकों ने गांव-ढाणियों की तकदीर बदल दी। कई सरकारें आईं, लेकिन बिजली के आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
गांववालों का दर्द नहीं देखा गया यशराज ने बताया कि जब वे कॉलेज के प्रोजेक्ट के सिलसिले में गांव आए तो पता चला यहां बिजली नहीं है। लोग केरोसीन लैंप जलाकर गुजारा करते हैं। बच्चों की पढ़ाई भी सुचारू रूप से नहीं हो पा रही थी। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज कराने तक के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था। दूसरे गांव में मोबाइल चार्ज करने के पांच रु. तक लिए जाते थे। यशराज ने बताया कि गांव में बिजली वितरण के लिए वे कम कीमत का उपकरण लेकर आए, जो सौर ऊर्जा, बायोमास प्लांट और स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड के साथ जोड़ा जा सकता है। इस प्रोजेक्ट को पिछले साल नवंबर में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने टॉप टेन क्लीन टेक इनोवेशंस में चुना था। इस प्रोजेक्ट के मेंटर गूगल इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस प्रेसिडेंट एरिक ब्रेवर हैं। ऐसे वितरित करते हैं बिजली ग्राम पावर यंत्र को दो किलोवाट के सोलर पैनल से जोड़ा गया है। यह इन्वर्टर की तरह काम करता है। गांव में सोलर पैनल लगाया गया है। इससे उत्पन्न हुई बिजली को बैट्री में इकट्ठा कर गांव के 20 परिवारों में वितरित होती है। बिजली लेने के लिए गांव वालों को अपने घर में एक स्मार्ट मीटर लगाना होता है। ग्रामीण मोबाइल रिचार्ज की तरह प्री-पेड कार्ड के जरिए बिजली ले सकते हैं। प्री-पेड कार्ड रिचार्ज करने के लिए गांव में रिचार्ज सेंटर बना है, जहां से रिचार्ज कूपन मिलता है। दस रुपए के रिचार्ज पर नौ घंटे तक की बिजली मिलती है। स्मार्ट मीटर के वायरलैस डिवाइस से जुड़े होने के कारण बिजली चोरी की संभावना नहीं के बराबर है।






