जयपुर.एसीएस वीएस सिंह को 3 दिसंबर की सुबह टक्कर मारने वाला दीनदयाल बघेल उस दिन गोविंददेवजी में दर्शन के बाद और एक्सीडेंट से पहले डेढ़ घंटे तक कहां था? पुलिस जांच अब इसके इर्द-गिर्द घूम रही है। वीडियो फुटेज में दीनदयाल सुबह 5.26 पर गोविंददेवजी मंदिर में दिखा। दीनदयाल ने पुराने बयानों में उस दिन टेंशन की वजह से बिना दर्शन के ही लौट आना बताया था।
अब वो बोल रहा हैं कि ताड़केश्वर मंदिर और धाभाई जी के खुर्रे में बंदरों को केले खिलाने गया था। बदलते बयानों का पुलिस वेरिफिकेशन कर रही है। कार के स्टेयरिंग पर किसी के भी फिंगर प्रिंट नहीं मिल पाने से यह पता नहीं चल पाया है कि कार कौन ड्राइव कर रहा था।
पुलिस जांच एक्सीडेंट समय और मंदिर दर्शन के बीच के अंतराल वाले डेढ़ घंटे के इर्द-गिर्द चल रही है। जांच अधिकारी एडीशनल डीसीपी रघुवीर सैनी को पूछताछ में अब दीनदयाल ने कहा कि वह 3 दिसंबर को गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन करने गया। वहां पूजा के बाद भजन किए।
फिर भाई लक्ष्मीनारायण के साथ वहां से सीधे रामगंज वाले रास्ते में बायीं तरफ बने धाभाई जी के खुर्रे में गया। वहां रोजाना की तरह बंदरों को सवा किलो केले खिलाए। वहां केले बेचने वाले ने पुलिस को कहा कि ज्यादा याद नहीं फिर भी लगता है कि ऐसे हुलिए वाला रोजाना ही केले खरीदकर बंदरों को डालता रहा है।
दीनदयाल का कहना है कि वह बंदरों को केले खिलाने के बाद ताड़केश्वरजी के मंदिर में गया। इस बात के वेरिफिकेशन के लिए पुलिस ने ताड़केश्वर मंदिर से सीसीटीवी फुटेज मंगाए तो पता चला कि कैमरे खराब होने से रिकॉर्डिग नहीं हो पाई। ऐसे में जांच नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है।
वीएस सिंह और विजेंद्र सिंह को 3 दिसंबर को घटनास्थल से अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस के चालक से भी मंगलवार को बुलाकर पुलिस ने पूछताछ की। उसने वहां से तब संयोगवश गुजरना बताया है।