जयपुर। राजस्थान की राजधानी में चल रहा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक बार फिर विवादों में फंस गया है। साहित्य के उत्सव का दूसरा दिन कुछ अलग था। गजलें थीं, कविताएं थीं, शब्दों की संवेदनाएं थीं। बातों में उत्तेजना थी तो प्रेम की कल्पनाएं भी थीं। डिग्गी पैलेस में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शुक्रवार को हुए 38 सेशन के दौरान गीतकार जावेद अख्तर, प्रसून जोशी, अभिनेत्री शबाना आजमी और अशोक वाजपेयी केंद्र बिंदु में थे। शबाना और प्रसून जोशी ने फिल्मों में महिलाओं को एक वस्तु बनाकर निवेश की बात की। उस वक्त हलचल मच गई, जब प्रसून ने कृष्ण को ईव टीजर कहा। मां पर किए उनके कटाक्ष भी चौंकाने वाले थे।
सेक्स एंड सेलिब्रिटी सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा- भारतीय समाज में मां के रिश्ते का गौरवान्वयन इतना ज्यादा किया गया है कि इसने औरत से उसकी निजता ही छीन ली है। जोशी ने औरत की सेक्सुएलिटी से जुड़े प्रश्नों की हकीकत को कुछ इस अंदाज में बयां किया कि डिग्गी पैलेस के फ्रंट लॉन में श्रोता खेमों में बंटे नजर आए। उनका कहना था कि मां तो मां ही होती है।
प्रसून जोशी ने कहा कि कृष्ण ईव टीजर थे। अगर आज के जमाने से उनकी तुलना करें तो वे लड़कियों से छेड़छाड़ के दोषी पाए जाएंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत में कृष्ण के इस रूप का जिक्र नहीं। यह बाद में लोक गाथाओं में उनका यह स्वरूप जोड़ दिया गया।