राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
LPG: उपभोक्ताओं को असमंजस में डाल रही हैं तेल कंपनियां
Bhaskar News | Dec 12, 2012, 11:31AM IST

जयपुर.पेट्रोलियम कंपनियों ने केवाईसी फॉर्म के नाम पर उपभोक्ताओं को भारी असमंजस में डाल दिया है। करीब 4 माह पहले शुरू की गई इस व्यवस्था के बाद से न तो उपभोक्ताओं को रसोई गैस कनेक्शन मिल रहे हैं और न ही फॉर्म भरने वालों की स्थिति स्पष्ट की गई है। व्यवस्था तेल कंपनियों की ओर से अगस्त से शुरू की थी। तब से अब तक लगभग साढ़े 5 लाख उपभोक्ताओं ने केवाईसी फार्म भर दिए हैं, लेकिन अभी तक तेल कंपनियों ने उन्हें ट्रांसपेरेंसी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया।
नए कनेक्शनों पर रोक लगाई, चार माह से भटक रहे हैं उपभोक्ता
केवाईसी फॉर्म भरवाने की व्यवस्था के साथ ही तेल कंपनियों ने सब्सिडी वाले सिलेंडरों के लिए नए कनेक्शनों पर रोक लगा दी है। ऐसे में चार माह से उपभोक्ता भटक रहे हैं। एजेंसियों पर कंपनियों ने निर्देश दिए हैं कि वे केवल नॉन सब्सिडाइज्ड सिलेंडरों के कनेक्शन ही दें। जब केवाईसी फॉर्म क्लियर होंगे तब उन्हें सामान्य कनेक्शन के रूप में बदल दिया जाएगा, लेकिन दिक्कत यह है कि अभी तक नए कनेक्शन के आवेदकों को भी कंसीडर नहीं किया गया है।
ऐसे में जिनके पास रसोई गैस नहीं हैं, उन्हें महंगे सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि तेल कंपनियों के रवैये के कारण उनके यहां उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग रही है। तेल कंपनियों के समन्वयक गुरमीत सिंह भी स्वीकारते हैं कि अभी नए कनेक्शनों के मामले में दिल्ली से केवाईसी फॉर्म संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
नाम परिवर्तन में भी असहयोग
उपभोक्ताओं की शिकायत है कि पिता के नाम का कनेक्शन बेटे को या अन्य नाम परिवर्तन मामलों में गैस एजेंसी संचालक सहयोग नहीं कर रहे। इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक कंपनियों को और कंपनियां एजेंसियों को दोषी ठहरा रहे हैं। तेल कंपनियों के समन्वयक का कहना है कि एजेंसियों को नाम परिवर्तन के मामलों में तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।






