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एमएनआईटी आत्महत्या प्रकरण : निदेशक ने कहा, 'मुखिया के नाते मैं जिम्मेदार'

Bhaskar News | Jul 31, 2012, 02:19AM IST
 
 

जयपुर.लैब कर्मचारी की आत्महत्या के कारणों की जांच के लिए एमएनआईटी प्रशासन ने चार डीन की कमेटी बनाई है जबकि एमएनआईटी शिक्षक संगठन तथा कर्मचारी संगठनों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की स्वतंत्र कमेटी से जांच कराने की मांग की है। संगठनों ने सोमवार को निदेशक आई के भट्ट को ज्ञापन सौंपे। कर्मचारियों ने सुबह एमएनआईटी में शोक सभा कर दिवंगत महेंद्रसिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एमएनआईटी के निदेशक प्रो. इंद्रकुमार भट्ट ने कहा कि कैंपस में कर्मचारी द्वारा आत्महत्या करना दुर्भाग्यपूर्ण है। रविवार सुबह सूचना मिलते ही सबसे पहले वे ही मौके पर पहुंचे। जो कर्मचारी नेतागिरी कर रहे हैं, उनमें से कोई मृतक को फंदे से उतारते वक्त वहां नहीं था।

हमने पुलिस और परिजनों को बुलाकर शव नीचे उतरवाया, लेकिन संस्थान का मुखिया होने के नाते मैं जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं, कि ऐसी अनहोनी कैंपस के अंदर नहीं होनी चाहिए थी। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि मृतक ने पदोन्नति के लिए अर्जी दी थी। पदोन्नति नहीं करने के कारण उसने आत्महत्या की। यह सरासर झूठ है। उसने कभी पदोन्नति या अन्य मांग को लेकर कोई अर्जी मुझे नहीं दी।

कर्मचारियों ने की शोकसभा

एमएनआईटी के कर्मचारियों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार की घोषणा की थी। सुबह करीब 250 कर्मचारियों ने दिवंगत साथी को शोकसभा में श्रद्धांजलि दी। कर्मचारियों ने आत्महत्या के कारणों की निष्पक्ष जांच तथा आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। दोपहर करीब एक बजे सभी कर्मचारियों ने मेस आदि की जिम्मेदारी संभाल ली। कक्षाएं भी नियमित लगीं। निदेशक ने कहा कि संस्थान में कार्य बहिष्कार का कोई असर नहीं रहा।

तकनीकी सहायक की पर्सनल फाइल की जांच

एमएनआईटी की लैब में रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले तकनीकी सहायक महेंद्र सिंह (३६) की पर्सनल फाइल की जांच सोमवार को मालवीय नगर थाना पुलिस ने की। फाइल एक लिफाफे में बंद की गई थी। प्रारंभिक जांच में फाइल में आत्महत्या के लिए मजबूर होने संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। इस मामले को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ से आए एक दल ने भी जानकारी ली। मालवीय नगर थानाप्रभारी भगवत सिंह ने बताया कि कर्मचारी की पर्सनल फाइल में उनके डिपार्टमेंट से संबंधित दस्तावेज लगे हुए हैं।

फाइल में 124 पेज हैं। जिसमें नियुक्ति-पत्र के साथ अन्य कागजात, एमएनआईटी से गत पांच वर्षों की एपीआर (एनुअल पर्सनल रिपोर्ट) है। रिपोर्ट में उनके काम को एक्सीलेंट बताया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह डिपार्टमेंट में कर्मचारियों के बयान लिए गए जिसमें किसी ने आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया। पुलिस सुसाइड नोट को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
 
 
 

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