अब मार्कशीट पहुंचेगी एग्जाम सेंटर पर

जयपुर.रिजल्ट आने के बाद यदि आपने अंकों की पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है और इसके बाद आपकी अंक तालिका घर नहीं पहुंचती तो घबराए नहीं। अब राजस्थान यूनिवर्सिटी ने पुनर्मूल्यांकन व पुनगर्णना के बाद मार्कशीट को आपके एग्जाम सेंटर पर ही भेजने की व्यवस्था की है। इस प्रक्रिया की शुरुआत भी हो चुकी है, लेकिन स्टूडेंट्स अभी इसके लिए अवेयर नहीं हैं।
योजना लागू करने की कवायद लंबे समय से चल रही थी, जिसे पूरा किया गया। अभी तक पुनर्मूल्यांकन के बाद मार्कशीट डाक से स्टूडेंट्स के घर भेजी जाती थी। कई बार मार्कशीट घर नहीं पहुंचने पर स्टूडेंट्स को डुप्लीकेट मार्कशीट से काम चलाना पड़ता था, जो हर कहीं मान्य नहीं होती थी।
गुम हो जाती थी मार्कशीट
योजना लागू करने के पीछे कारण अंक तालिका स्टूडेंट्स के घर नहीं पहुंचना है। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक पी.एल. रेगर ने बताया, ग्रामीण क्षेत्रों में एड्रेस सही नहीं मिल पाने के कारण मार्कशीट स्टूडेंट्स के घर पहुंचने में दिक्कत आती थी। इसके चलते स्टूडेंट्स को परेशान होना पड़ता था और वे यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाते थे। इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए यह योजना शुरू कर दी गई है।
1 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के आवेदन
पुनर्मूल्यांकन के लिए हर वर्ष यूनिवर्सिटी में 1 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स आवेदन करते हैं। आवेदन के समय वे अपनी मूल अंकतालिका जमा कराते हैं। सूत्रों ने बताया, आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स में से सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों से होते हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स की मार्कशीट घर नहीं पहुंचती थी, जिससे उन्हें परेशानी होती थी।
ये होंगे फायदे
1. स्टूडेंट्स को नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर।
2. डुप्लीकेट मार्कशीट से नहीं चलेगा काम।
3. मार्कशीट एग्जाम सेंटर या संबंधित कॉलेज में पहुंचने से सुरक्षित रहेगी और स्टूडेंट्स लंबे समय बाद भी उसे प्राप्त कर पाएंगे।
4. मार्कशीट एग्जाम सेंटर पर भेजने से यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी और खर्चा कम होगा।






