राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
ऑफ द रिकॉर्ड: ‘बिन्द की कोथली’ V/S ‘राजनीति की कोथली’
श्याम आचार्य
| Aug 26, 2012, 01:56AM IST

उस समय पूर्व सांसद एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष रामदास अग्रवाल के पुश्तैनी मकान (सौंकियों के रास्ते) में जनसंघ विधायकों की एक बैठक हुई। इस बैठक में नेता का चुनाव करना था। जनता पार्टी का आलाकमान जनसंघ के नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहता था, लेकिन संगठन कांग्रेस के प्रदेश नेता मास्टर आदित्येन्द्र भी नेता का चुनाव लड़ना चाहते थे।
भाजपा के नेता सतीश चंद्र अग्रवाल ने नेता पद का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। मास्टर आदित्येन्द्र, सतीश चंद्र अग्रवाल के बड़े भाई थे। तब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामदास अग्रवाल ने सतीश चंद्र अग्रवाल से पूछा ‘क्या यह त्याग वे अपने सहोदर ज्येष्ठ भ्राता के लिए तो नहीं कर रहे?
इस पर सतीश जी तमतमाए और रोष भरे शब्दों में कहा यह सही है, मेरे पुत्र की शादी में ‘बिन्द की कोथली’ अवश्य अपने ज्येष्ठ भ्राता को दूंगा, लेकिन ‘राजनीति की कोथली’ उनको कभी नहीं दूंगा। बाद में सर्वसम्मति से भैरोंसिंह शेखावत जनसंघ घटक के नेता चुने गए। एक वरिष्ठ पत्रकार ने यह साक्षात्कार अपनी एक पुस्तक में प्रकाशित किया है।






