आत्महत्या का प्रयास करने वाले बीए प्रथम वर्ष के स्वयंपाठी छात्र शीशराम गुर्जर की मार्कशीट में जारी अंक दर्शा नहीं रखे हैं। वह पिछले वर्ष भी पांचों विषयों में फेल हो गया था। वह पहले राजस्थान कॉलेज का नियमित छात्र था। अब वह प्राइवेट परीक्षा दे रहा है। हाल ही जारी परीक्षा परिणाम में उसका परिणाम जारी नहीं होने से वह दुखी था। यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग में कई बार चक्कर लगाने के बाद वह परेशान था। इस वजह से उसने ऐसा किया।
जयपुर.राजस्थान यूनिवर्सिटी के परीक्षा परिणामों में आ रही कमियों से खफा होकर मंगलवार को एक छात्र ने यूनिवर्सिटी गेट पर लगे बैनर पर चढ़कर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। आंख में पेट्रोल जाने से उसे जलन हुई। इस बीच एक छात्र बैनर पर चढ़कर छात्र से माचिस छीन लाया।
पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रही और आत्मदाह पर आमादा छात्र को नीचे उतारने के लिए आग्रह करती दिखी। इस दौरान यूनिवर्सिटी में सैकड़ों छात्र जमा हुए और छात्र को नीचे उतारने के लिए आग्रह करते रहे।
ऊंचाई से नीचे उतरने पर छात्र की यूनिवर्सिटी के चीफ प्रोक्टर प्रो.आर.एल. गोदारा से मुलाकात कराई गई। उन्होंने छात्र की समस्या सुनी। फिर कुलपति प्रो.बी.एल. शर्मा के समक्ष छात्र को ले जाया गया। यूनिवर्सिटी की ओर से छात्र के खिलाफ आत्मदाह के प्रयास और अशांति फैलाने की शिकायत पुलिस में दी गई। इस पर पुलिस ने छात्र शीशराम गुर्जर को आत्महत्या के प्रयास के तहत गिरफ्तार किया। शाम को उसे जमानत पर छोड़ा गया।
परेशान हैं पांच हजार छात्र
राजस्थान यूनिवर्सिटी के परीक्षा परिणामों में रिजल्ट लेट (आर.एल) और त्रुटियों से करीब पांच हजार से ज्यादा छात्र परेशान हैं। यह आकड़ा खुद यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सात लाख से अधिक छात्र यूनिवर्सिटी से जुड़े है।
ऐसे में पांच हजार मामलों में आरएल और कमियों का आंकड़ा कोई बड़ी बात नहीं है। हर वर्ष इतनी संख्या में मामले सामने आते ही है। उधर छात्रों का कहना है कि परिणाम जारी करने में जल्दबाजी का ही परिणाम है कि छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी। इस संबंध में कुलपति प्रो.बी.एल.शर्मा को सात दिन पूर्व ही ज्ञापन दिया गया था।
छात्र के समर्थन में प्रदर्शन...
आत्मदाह पर आमादा छात्र के समर्थन में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कुलपति सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर विरोध जताया। छात्रों का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आत्मदाह के लिए उकसाने का मामला दर्ज होना चाहिए। छात्रसंघ महासचिव अमित शर्मा, छात्रनेता महेंद्र सिंह शेखावत, अनिल चौपड़ा, कुलदीप सिंह बैसला सहित कई छात्रों ने मिलकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को दोषी ठहराते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।