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चोरी की बिजली और दुगुने करंट से बंद हुए कैमरे
Bhaskar News
| Aug 05, 2012, 02:55AM IST

ऐसा नहीं कि इस तकनीकी खामी की पुलिस अधिकारियों को जानकारी नहीं थी। कैमरों को ऑपरेट करने वाले कंपनी के एक्सपर्ट इस बारे में पुलिस अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके थे।
बड़ी चौपड़ पर कैमरों को लगाने के बाद इनको एक्टिव करने के लिए बिजली की जरूरत हुई तो पुलिस ने कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर दिया। बिजली कंपनी कनेक्शन देने के लिए भी तैयार हो गई। पुलिस ने डिमांड नोटिस भी जमा करा दिया, लेकिन मीटर से कैमरों तक की सर्विस लाइन लगाने की बात को लेकर पुलिस और बिजली कंपनी में विवाद हो गया। इसके चलते पुलिस ने विद्युत कनेक्शन ही नहीं लिया।
बिजली लेने के लिए पुलिस ने बड़ी चौपड़ पर रोड लाइट के कंट्रोलिंग बॉक्स के पास ही कैमरों का जंक्शन बॉक्स लगा दिया। इसके बाद कंट्रोलिंग बॉक्स में वायर लगाकर जंक्शन बॉक्स में विद्युत सप्लाई पहुंचा दी और कैमरों को एक्टिव कर दिया। जब भी नगर निगम या विद्युत विभाग का कर्मचारी जांच के लिए आता तो कंट्रोलिंग बॉक्स में लगे अवैध कनेक्शन को हटा दिया जाता, जिससे कैमरे ठप हो जाते।
कर्मचारी के जाने के बाद पुलिस वापस सप्लाई को जोड़ देती। एक माह पहले पावर सप्लाई ज्यादा होने से जंक्शन बॉक्स और उसमें लगा यूपीएस सिस्टम ही जल गया। अब नया जंक्शन बॉक्स लगे तो कैमरे चालू हो। यही हाल छोटी चौपड़ का है।वहां भी ज्यादा सप्लाई से उपकरण जल गए।
किराया नहीं दिया तो थाने से एसी ही खोल ले गया मालिक
बड़ी चौपड़ पर लगे कैमरों को ऑपरेट करने के लिए माणकचौक थाने में एक कंट्रोल रूम बनाया था। कमरे को ठंडा रखने के लिए पुलिस ने किराये का एयर कंडीशनर लाकर लगा दिया। तीन चार माह तक पुलिस ने एसी का किराया नहीं दिया। एसी मालिक किराया मांगने आता तो उसे कुछ दिन में किराया देने की बात कहकर लौटा देते। काफी समय तक पुलिस ने एसी का किराया नहीं दिया तो एसी मालिक थाने से अपना एसी खोलकर ले गया। अब कंपनी ने पुलिस को कमरे में एसी लगाने के लिए कहा है।






