जयपुर.सेंट्रल पार्क का वॉकिंग ट्रैक। रोजाना की तरह अलसवेरे सैर पर आने वाले लोगों के कदम भले ही ट्रैक पर दौड़ रहे हों, मगर निगाहें सड़क पर थीं। वहां, जहां एक दिन पहले सीनियर आईएएस ऑफिसर और अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. वीएस सिंह को वॉक से घर लौटते वक्त कार ने डिवाइडर पर चढ़कर टक्कर मार दी थी। सिंह की एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई थी।
पार्क में लोगों की जुबां पर कोई बात थी तो सिर्फ दुर्घटना में सिंह की मौत की। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि कल तक पार्क में नजदीक से गुजरते वक्त हाय-हैलो कहकर फुर्ती से आगे बढ़ने वाले सिंह के कदम अब रुक गए हैं। अब कभी पार्क के ट्रैक पर ये कदम चलते-रुकते और दौड़ते नजर नहीं आएंगे।
ट्रैक पर दौड़ते हुए चलती रही वीएस की वो बातें, जो अब अतीत बन चुकी हैं
वॉक पर भी ऐसी राय दे जाते थे, जो बहुत काम की होती
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को भी पार्क में सिंह की कमी खली। उन्होंने बताया- वीएस सिंह धीर-गंभीर व्यक्ति थे। उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण गजब का था। यह सब उनके दफ्तर या घर में नहीं था, बल्कि मॉर्निग वॉक के दौरान भी दिखता था। कभी-कभी जब उनसे वॉक के दौरान बात होती तो वे चलते-चलते कोई न कोई राय दे जाते। सच मानिए, वह राय मेरे काम में कई बार सहयोगी बनी है।
पर्यटन विभाग में डीएसपी राजीव दत्ता ने कहा- मेरे होम सेक्रेटरी रहे। उनके प्रति सम्मान न केवल सीनियर होने का था, बल्कि आत्मीयता दर्शाने के कारण भी था। घूमते-घूमते, कोई उनसे बातें करता तो वे उससे ऐसे बातें करते जैसे अनुज से बातें कर रहे हों। सेंट्रल पार्क का एक आग्रह आज कम हो गया है।