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राजस्थान में पहली बारः आईएफएस बनेगा प्रमुख सचिव!

 
Source: त्रिभुवन   |   Last Updated 05:18(09/02/12)
 
 
 
 
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जयपुर. राज्य सरकार पर्यावरण विभाग के सचिव संकठाप्रसाद (आईएफएस) को प्रमुख सचिव बनाने की तैयारी में है। प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी पद पर किसी आईएफएस को नियुक्ति दी गई हो। इसी 29 फरवरी को रिटायर हो रहे मुख्य सचिव एस.अहमद ने पुष्टि की है कि हां, इस बारे में नोटशीट मुख्यमंत्री को भेजी गई है। संकठाप्रसाद का रिटायरमेंट फरवरी 2014 में है।


संकठाप्रसाद फिलहाल पर्यावरण मंत्री बीना काक के विभाग में सचिव हैं और उनकी पदोन्नति की फाइल बुधवार शाम को मुख्य सचिव एस. अहमद के कार्यालय से मुख्यमंत्री को चली गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय में फाइल जाने के बाद वन, पर्यावरण और महिला तथा बाल विकास विभाग के तीनों सचिवों के कार्यालय में तो हलचल हो ही गई, कई प्रमुख आईएएस अधिकारियों में भी इसकी प्रतिक्रिया हुई है।


अधिकारियों का कहना है कि संकठाप्रसाद को भले सचिव से प्रमुख सचिव के रूप में पदोन्नत किया जा रहा हो, लेकिन पर्यावरण विभाग में प्रमुख सचिव की आवश्यकता ही नहीं है। राज्य सरकार ने पहले से व्यवस्था कर रखी है कि जिन विभागों के मुखिया अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं, वहां प्रमुख सचिव नहीं लगाए जाते हैं। शेष त्न पेज ६


उधर, चीफ कंजरवेटर का पद खाली है


संकटा प्रसाद को भले ही प्रमुख सचिव बनाया जा रहा हो, लेकिन विभाग में चीफ कंजरवेटर का पद खाली पड़ा है। इस वजह से सैटलमेंट और वर्किग प्लान ही नहीं बन रहे हैं। जबकि केंद्र की शर्त है कि यह काम जल्द नहीं हुआ तो प्रदेश का अनुदान बंद हो सकता है।


केंद्र में ऐसा होता है


मुख्य सचिव रह चुके एमएल मेहता का तर्क है कि राजस्थान में तो किसी आईएफएस को प्रमुख सचिव नहीं बनाया गया, लेकिन केंद्र में ऐसा होता रहा है।


आरएएस को पदोन्नति नहीं दे रहे 16 साल से राज्य सरकार ने एक चहेते आईएफएस को भले पदोन्नति देने का फैसला कर लिया हो, लेकिन आरएएस को 16 साल से पदोन्नति नहीं दी जा रही। उन्हें पदोन्नति दी जाती तो उनमें से ही कई लोग आईएएस बनकर आज प्रमुख सचिव बन सकते थे।


यह गली निकाली


संकठाप्रसाद के पक्ष में तर्क दिया गया है कि वन विभाग में पीसीसीएफ के चार पद हैं। इनमें से तीन पदों पर उमेश मोहन सहाय, राहुलकुमार और अवनीशचंद्र चौबे पदस्थापित हैं। एक पद पर एसी चौबे ने अदालत से स्टे ले रखा है। संकठाप्रसाद की पदोन्नति पीसीसीएफ के रूप में हो चुकी है। लेकिन अदालत के स्टे के कारण उन्हें यह पद नहीं मिल सकता। अब तर्क दिया गया है कि कि स्टे के कारण वे पीसीसीएफ के रूप में पदस्थापित नहीं हो सकते, इसलिए उन्हें प्रमुख सचिव बना दिया जाए।


मैंने आवेदन नहीं किया


मैंने प्रमुख सचिव बनाने के लिए सरकार को आवेदन नहीं दिया है। यह सरकार का काम है कि किससे कहां और क्या काम करवाती है।


-संकठाप्रसाद, आईएफएस
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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