जयपुर. गुजरात चुनावों में नरेंद्र मोदी की लगातार तीसरी जीत ने राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा की भावी राजनीति के लिए कई संकेत दे दिए हैं। राजनीतिक प्रेक्षक चुनाव नतीजों को सीपी जोशी और मोहन प्रकाश के लिए झटका मान रहे हैं।
गुजरात चुनावों में कांग्रेस के टिकट बांटने के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी में केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी अध्यक्ष थे। वहीं कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश गुजरात के प्रभारी हैं। दोनों ही नेता राजस्थान से हैं और एक ही खेमे से माने जाते हैं।
इन नतीजों की जिम्मेदारी दोनों के खाते में जाएगी। इन नेताओं के लिए संतोष की बात एक ही है कि पिछली बार 57 सीटों की तुलना में इस बार कांग्रेस की पांच सीटें बढ़ी हैं।
नतीजों के प्रदेश में राजनीतिक मायने, कांग्रेस के लिए राजस्थान में 11 माह बाद होने वाले चुनावों में गुजरात के नतीजों का कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव जरूर रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में इसका प्रभाव पड़ सकता है। राजस्थान में सीपी विरोधी खेमा मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकता है।
अगर इन चुनावों में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करती तो सीपी जोशी का कद राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता। नतीजों के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए नो लॉस नो प्रॉफिट वाली स्थिति मानी जा रही है।