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'जल्द न्याय के लिए हाईटेक बनें न्यायिक अफसर'
Bhaskar News
| Jan 07, 2013, 12:27PM IST
जयपुर.राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमिताव रॉय ने जल्द न्याय के लिए जिला व सेशन न्यायाधीशों सहित अन्य न्यायिक अफसरों को हाईटेक बनने की नसीहत दी है। साथ ही नए कानूनी प्रावधानों के अध्ययन का भी सुझाव दिया है।
रविवार को राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी की ओर से न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार विषयक सेमिनार में सीजे रॉय ने न्यायिक अफसरों से कहा है कि वे मेहनत से काम करें, कम्प्यूटर में अपडेट रहें और नए कानूनों को पढ़ें, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि वे ट्रायल कोर्ट के हैड हैं इसलिए अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए प्रयास करें। वे पेपर वर्क कम करें व अपडेट रहें और पूरा डाटा ऑनलाइन करें ताकि लोगो को जल्द न्याय मिल सके।उन्होंने कहा कि निर्णय छोटे, स्पष्ट हों व उनकी भाषा ऐसी सरल हो, जिसे आमजन भी समझ सके। सभी को मिलजुल कर न्यायिक विसंगतियों को दूर करना चाहिए।
एक भी छुट्टी नहीं छोड़ते अफसर: न्यायाधीश जैन
सेमिनार में न्यायाधीश एनके जैन ने न्यायिक अफसरों के छुट्टी लेने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अफसर अपनी कोई भी छुट्टी बाकी नही रहने देते। वे कोई न कोई बहाना लेकर उसे ले लेते हैं चाहे वह मेडिकल लीव हो या सीएल। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि न्यायिक अफसरों को छुट्टी नहीं लेनी चाहिए, लेकिन उनके 15-15 दिन की छुट्टी लेने के कारण पक्षकारों के मामले की सुनवाई नहीं हो पाती।
इससे निर्णय में भी देरी होती है। सेमिनार में न्यायाधीश अजय रस्तोगी ने एडीआर प्रणाली से जल्द न्याय करने की बात कही। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक ने निर्णयों की भाषा व कम्प्यूटर के फायदे व नुकसान की बात कही। सेमीनार में न्यायाधीश एम.एन.भंडारी व आरएस चौहान सहित अकादमी के चेयरमैन न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी भी मौजूद थे।








