इंस्पेक्टर के घर डकैती के बाद कमिश्नर ऑफिस की जीप चोरी
Source: Bhaskar News | Last Updated 07:38(10/02/12)
जयपुर. बजाज नगर में हाल ही में इंस्पेक्टर के घर हुई डकैती की वारदात अभी खुल ही नहीं पाई, इसके बाद एक नई वारदात कर चोरों ने कमिश्नर कार्यालय की पोल खोल कर रख दी है। जयपुर में पुलिस कमिश्नर की क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) की सरकारी जीप को ही चोर उड़ा कर ले गए।
यह वो टीम है जो शहर में सभी पुलिस थाना इलाकों में अपराध रोकने एवं जांच करने का जिम्मा संभालती है। बड़ी वारदात खोलने का जिम्मा इसी टीम के पास रहता है। चोरों की इस नई चुनौती से कमिश्नरेट के अफसर परेशान हैं। मुरलीपुरा थाने में सरकारी जीप चोरी हो जाने का मामला दर्ज कराया गया है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि इस सरकारी जीप को चलाने का जिम्मा सीआईयू टीम के सिपाही हेमसिंह को सौंप रखा था, लेकिन वह ड्राइवर नहीं है। हेमसिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं, इसका पुलिस अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बीजू जार्ज जोसफ ने घटना का पता चलते ही लापरवाही के आरोप में सिपाही हेमसिंह को निलंबित कर दिया है।
मुरलीपुरा थानाधिकारी मोहन सिंह का कहना है कि गंगा-जमना कालोनी दादी का फाटक निवासी हेमसिंह ने 7 फरवरी को मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके तहत आरजे-14 यूबी 2068 नंबर की सरकारी महेंद्रा मेजर जीप कोई चुरा ले गया। ड्यूटी से लौटकर हेमसिंह ने रात दस बजे घर के बाहर जीप खड़ी की थी। तड़के जब उठकर देखा तो जीप नहीं मिली। जानकारों का कहना है कि सिपाही से ड्राइवर का काम लिया जा रहा था।
सीआईयू टीम के इंचार्ज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक गुप्ता ने अपनी टीम के सिपाहियों के बयान दर्ज किए हैं। इसके बाद आला अफसरों को तुरंत अवगत कर दिया गया। इसके बाद एडिशनल कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ने लापरवाही के आरोप में सिपाही हेमसिंह को निलंबित कर दिया। सिपाही को गाड़ी देकर घर किसने भेजा, इस सवाल का एएसपी अशोक गुप्ता के पास कोई जवाब नहीं है। सिपाही हेमसिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं इस सवाल को भी अशोक गुप्ता टाल गए।
क्यों है, सीआईयू टीम महत्वपूर्ण?
जयपुर रेंज में जब ओपी गल्होत्रा आईजी थे, तब इस सीआईयू टीम का गठन किया था। यह टीम शहर में हर बड़ी वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करती है। मोबाइल सर्विलेंस उपकरण इसी टीम के पास है।
शहर के सभी पुलिस थानों की ओर से अपराधियों को पकड़ने या पता लगाने के लिए संदिग्ध नंबरों का पता, लोकेशन, वारदात से पहले ही पता लगाना, संगठित अपराध को रोकना आदि के लिए मोबाइल सर्विलेंस पर लेकर जांच करने का काम यह टीम करती है। शहर के सबसे इंटेलीजेंट माने जाने वाले पुलिसकर्मियों को इस टीम में शामिल कर रखा है। इस टीम के इंचार्ज अभी एएसपी अशोक गुप्ता हैं। यह टीम सीधे ही पुलिस कमिश्नर और डीसीपी क्राइम को रिपोर्ट करती है।
पुलिस वाले निशाने पर
पिछले दिनों ही कमिश्नरेट में पदस्थ एक आईपीएस के ड्राइवर एवं गनमैन के घर में चोरी की वारदात हो चुकी है। इसके अलावा हाल ही बजाज नगर में इंस्पेक्टर गिरधारीलाल शर्मा के घर पर डकैती की वारदात हुई। हाल ही आरपीए में पुलिसकर्मी की मोटरसाइकिल भी जला दी गई।
पता लगा रहे हैं कि चोर कौन है?
बीजू जार्ज जोसफ, अतिरिक्तपुलिस आयुक्त (क्राइम) से सवाल
कमिश्नर कार्यालय में जो सीआईयू टीम के पास सरकारी जीप थी, वो चोरी हो गई है, क्या मामला है?
हा, दो दिन पहले की घटना है। ड्राइवर के घर के बाहर से कोई जीप चुरा ले गया है।
चोरों का इतना दुस्साहस कैसे हो रहा है, कि सीआईयू टीम की ही जीप चुराकर ले गए। ?
ड्राइवर हेमसिंह को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। अब पता लगाया जा रहा है कि आखिर सीआईयू टीम की जीप कौन चुराकर ले गया।