चित्तौड़गढ़/जयपुर.शहर के राणा सांगा बाजार में स्थित ज्वैलरी शोरूम से चोरों ने सेंध मारकर करीब 37 लाख रुपए से ज्यादा के सोने-चांदी के गहने, नकदी व अन्य आइटम उड़ा लिए। मास्टर माइंड तरीके से व्यस्ततम चौराहे पर की गई इस वारदात से चोरों ने पुलिस की गश्त व्यवस्था व कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ाकर रख दी। यह चोरी शहर में अब तक की सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है।
अप्सरा सिनेमा के बाहर स्थित दीपश्री ज्वैलर्स में चोर दुकान के बाहर निकल रहे नाले में से होकर आए और फर्श उखाड़कर अंदर घुसे। चोरों ने सीसीटीवी कैमरों के सिस्टम को निष्क्रिय करते हुए शोरूम से करीब 40 किलोग्राम चांदी के गहने, आइटम व 50 तोला सोने के गहने व दो लाख की नकदी उड़ा ली। चोरों ने सेफ के लॉक तोड़ने का भी प्रयास किया, मगर सफल नहीं हो पाए।चोर नाले के रास्ते ही वापस चले गए।
सीसीटीवी कैमरों को बनाया निशाना
वारदात का राज नहीं खुल सके, इसके लिए चोरों ने शोरूम में घुसते ही सबसे पहले वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को निशाना बनाया। चोरों ने कैमरे के कंट्रोल पैनल व कंप्यूटर का पावर ऑफ कर दिया। कैमरों की केबल काटने के बाद भी चोरों ने गुप्त कैमरों की आशंका से कुछ कैमरे हटा दिए तो एक कैमरे पर पॉलीथिन की थैली ढंक दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया।
किस नाले से अंदर घुसे चोर
चोर शोरूम में किस ओर से घुसे। इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई। शोरूम के आगे से नाला निकल रहा है। शोरूम से करीब 10 फीट दूर इस नाले की पट्टी उखड़ी हुई है। आशंका है कि चोर रैकी करने के बाद अंदर उतरे और साथियों की मदद से रैकी के बाद ही निकले।
इसके अलावा शोरूम के नीचे से भी करीब 150 मीटर लंबाई वाला एक भूमिगत नाला पिछवाड़े की ओर निकल रहा है, जिसमें से भी चोरों के निकलने की आशंका है। हालांकि इस नाले में भी दो-तीन फीट गहराई तक कीचड़ भरा है। एसपी राघवेंद्र सुहास ने भी शोरूम और दोनों नालों का मुआयना किया।
नाले में मिले बीड़ियों के टुकड़े
कोतवाली के कांस्टेबल मुकेश खटीक ने चोरों द्वारा शोरूम के फर्श पर किए गए छेद में से नाले में उतरकर अंदर का जायजा लिया। फर्श समेत नाले के अंदर बीड़ियों के टुकड़े के साथ एक छोटी टार्च भी मिली। इस दौरान पता चला कि चोरों ने पहले एक छेद करने का प्रयास किया, लेकिन दीवार आ गई। इसके बाद ठीक बगल में छेद करने पर शोरूम में घुसने का रास्ता निकल गया। छेद करने में छैनी-हथौड़े का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है।
चोरी से पहले बंद की लाइटें
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच में सामने आया कि चोरों ने 15 दिसंबर की रात शोरूम में घुसने के बाद खुद को बचाते हुए 12.53 बजे लाइटें बंद कर दीं। इसके बाद दो टॉर्च कुछ देर तक अंधेरे में चमकती रही। संभवतया इसके बाद सीसीटीवी कंट्रोल सिस्टम को निष्क्रिय किया गया।
छत-दीवारें खूब हुई, अब पाताल की बारी
चोर कभी दांये-बांये की दीवार में तो कभी छत में छेद कर अंदर घुसे। कभी ताले तोड़ तो कभी शटर ऊंचा कर आए और लाखों पर हाथ फेर गए। इस तरह की कई वारदातें देख लेने के बाद भी न तो लोगों और न पुलिस ने कभी यह कल्पना की कि चोर जमीन फाड़ कर भी दम दिखा सकते हैं।
कम से कम इस शहर में तो ऐसा कमाल पहली बार ही देखने में आया। ज्वैलरी शॉप से करीब 40 लाख की चोरी। शहर ने इससे पहले शायद न तो इतनी बड़ी चोरी देखी और न उसे अंजाम देने का ऐसा तरीका। चोरों ने बता दिया कि वे अब केवल खिड़की-दरवाजों, दीवार, नाल या छत के भरोसे नहीं, पाताल से भी आ सकते हैं।
उनको अच्छी तरह पता था कि शोरूम के आगे, बगल नीचे से नाले निकल रहे है। बस इस आइडिया पर काम हुआ और फिर पब्लिक से पुलिस तक सबको दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। वे यह भी जानते थे कि महज डेढ़ साल में इसी शोरूम और इसी बाजार से चोरी की बड़ी वारदातें हो चुकी है। पुलिस और गश्त चुस्त हुई या नहीं, व्यापारी जरूर सतर्क होंगे।
हाईटेक कैमरे उनकी झलक न दिखा सके, इसलिए सबसे पहले उनका ही मुंह बंद किया। मगर, फिर भी..। पुलिस महज दया का पात्र नहीं बन सकती। यह कीमती शोरूम व्यस्त चौराहा के बिलकुल पास है। थाना और कंट्रोल रूम मुश्किल से एक किमी के दायरे में है। इसी क्षेत्र, ज्वैलरी व्यवसाय और शहर में चोरियां लगातार हो रही है। ऐसे में इतनी बड़ी वारदात आसानी से तो अंजाम नहीं ले पाई होगी।