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नाबालिग छात्रा बनी मां, पिता बोला, 'मंगेतर का है बच्चा'
Bhaskar News
| Mar 06, 2013, 10:05AM IST

मौलासर/डीडवाना.डीडवाना क्षेत्र के पावटा गांव में संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका आवासीय विद्यालय में मंगलवार तड़के 11वीं की सत्रह साल की एक किशोरी द्वारा बच्चे को जन्म देने के बाद उसे शौचालय में फेंक दिया गया। विद्यालय के बाहर कुछ लोगों ने हंगामा कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। देर शाम इस मामले में जसवंतगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई। किशोरी लाडनूं तहसील के तंवरा गांव की है।
मामले के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 6.30 बजे आवासीय विद्यालय के हॉस्टल के शौचालय से बच्चे के रोने की आवाज आई। शौचालय के पास छात्राएं पहुंची तो वहां नवजात शिशु मिला। वार्डन हेमलता चौधरी, प्रधानाचार्य भंवरलाल खोखर व स्टाफ मौके पर पहुंचे। वार्डन चौधरी ने यह बच्चा हॉस्टल में रहने वाली छात्रा का होने की पुष्टि की। इस किशोरी ने बताया कि उसने तड़के तीन बजे बच्चे को जन्म दिया।
डर के मारे उसे शौचालय में फेंक दिया। सूचना पर डीडवाना एसडीएम जवाहर चौधरी, डिप्टी हेमाराम चौधरी मौके पर पहुंचे। किशोरी के परिजनों को बुलाया गया। किशोरी के पिता ने प्रिंसिपल को पत्र लिखकर बताया कि जो बच्चा हुआ वह उसके मंगेतर का है। बच्चे के स्वास्थ्य की जांच कराकर उसे किशोरी के साथ परिजनों के हवाले किया गया।
लोगों ने किया हंगामा
इसकी खबर फैलते ही डीडवाना तहसील के अनेक युवकों ने स्कूल के सामने नारे लगाए, हंगामा मचाया। पंचायत समिति सदस्य हनुमानाराम काजला, एनएसयूआई के तहसील संयोजक गणोशाराम पावटा, अजीत सिंह, सोहन सिंह, जगदीश सिंह, मुकेश रणवां, हीरा राम पचार, राजेश कड़वा सहित अनेक लोगों ने विद्यालय प्रशासन के विरुद्ध नारे लगा कर विद्यालय के सभी पुरुष अध्यापकों को हटाने और जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग भी की।
पिता ने कहा कि जिससे सगाई हुई, उसी का है बच्चा
किशोरी के पिता ने प्रिंसिपल को पत्र लिखकर बताया कि जो बच्चा हुआ वह उसके मंगेतर का है।
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही आई सामने
आवासीय बालिका विद्यालय में किशोरी द्वारा बच्चे के जन्म को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल प्रशासन पर आरोप लग रहे हैं कि यहां एक किशोरी गर्भवती थी तो उसके परिजनों को सूचित क्यों नहीं किया गया? स्कूल प्रशासन ने समय रहते एक्शन क्यों नहीं लिया? सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि किशोरी की शारीरिक स्थिति में बदलाव की जानकारी स्कूल प्रशासन को क्यों नहीं लगी?
बचाव की मुद्रा में आया स्कूल प्रशासन
स्कूल प्रशासन का कहना है कि किशोरी ने जुलाई में विद्यालय खुलने के साथ ही 9 जुलाई को स्कूल आई थी। उसके बाद बीमारी के नाम पर 5 से 28 नवम्बर तक, दिसम्बर 24 से 7 जनवरी तक, 13 जनवरी से 28 फरवरी तक छुट्टी ली।
थी जानकारी, फिर भी नहीं लिया एक्शन
'मैने छात्रा की शारीरिक असामान्य स्थिति को देखते हुए प्रधानाचार्य को अवगत करवाया था। इस पर प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को विद्यालय में बुलाकर छात्रा की स्थित से अवगत करवाया दिया। अभिभावकों ने छात्रा के बीमार होने व सुजानगढ़ के एक चिकित्सक से दवा दिलाए जाने की बात कही थी, जिससे विद्यालय परिवार संतुष्ट हो गया था।'
हेमलता चौधरी, वार्डन
जांच जारी है, मामला दर्ज करेंगे
मामला गंभीर है। पूरा दिन जांच की गई। अभी जांच की जा रही है। किशोरी के भी बयान लिए गए हैं। इस संबंध में जसवंतगढ़ थानाधिकारी को मामला दर्ज करने के लिए कहा गया है। -हेमाराम चौधरी डिप्टी डीडवाना।
मामला दर्ज कर रहे हैं
'किशोरी लाडनूं के तंवरा गांव की रहने वाली है। उसने बताया है कि मंगेतर से बने संबंधों से बच्चा पैदा हुआ है। हम अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रहे हैं। उस युवक के खिलाफ भी मामला बनता है जिसने इस किशोरी से संबंध बनाए। हम जांच कर उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई में जुटे हैं।'
-विजेंद्र गिल, थानाधिकारी जसवंतगढ़।
अधिकारी पहुंचे
प्रकरण को लेकर शाम को उपखण्ड अधिकारी जवाहर चौधरी, तहसीलदार महेन्द्र कुमार मीणा ने पावटा स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर विद्यालय का दौरा कर मामले का जायजा लिया व अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की।
उच्च स्तरीय जांच हो
इस प्रकरण को लेकर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री यूनुस खां ने कहा कि आवासीय स्कूल में असामाजिक तत्वों का बोलबाला बढ़ रहा है। पुलिस पर भी दबाव है। इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। यूनुस खां ने कहा कि आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाली हमारी बेटियों की सुरक्षा के प्रबंध होने चाहिए। यह मामला बहुत बड़ा है। किशोरी के परिजनों को भी दबाव में लिया गया है।









