वो शायद नहीं जानती थीं कि सफलता के साथ कैसे सहज होना है। इससे उपजी स्थिति कई बार आत्मघाती बन पड़ती है। किसी भी परिस्थिति में पहुंचने के जिम्मेदार हम खुद ही होते हैं। यह बात दिखाने के लिए ‘डर्टी पिक्चर’ से पहले कोई फिल्म नहीं बनी। इस तरह एक मसाला मूवी होने के बावजूद यह सीख देने वाली फिल्म भी है।
मेरा कोई रोल मॉडल नहीं
मैं अपने आपको इस दायरे में नहीं बांधना चाहता कि मैं यह कर सकता हूं और मैं यह नहीं कर सकता। मेरा कोई रोल मॉडल भी नहीं है। यह कहते हुए तुषार बताते हैं कि हमें अपने आपको दायरों में नहीं बांधना चाहिए, हालांकि अपनी खूबियां और कमियां जरूर पता होनी चाहिए।