विज्ञापन
 
Home >> Rajasthan >> Jaipur >> News >> Very Soon The Government Can Impose Restrictions O

सरकार ज़ल्द ही लगा सकती है गुटखे पर पाबंदी

Bhaskar News | Jul 17, 2012, 02:26AM IST
 
 


जयपुर.गुटखे पर पाबंदी के लिए जनता के बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग चेता है। जन स्वास्थ्य निदेशक और फूड सेफ्टी कमिश्नर बीआर मीणा ने केंद्र को पत्र भेजकर गुटखे पर पाबंदी के लिए मार्गदर्शन मांगा है। केंद्र को भेजे इस मार्गदर्शन पत्र के साथ अब स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा भी सक्रिय हुए हैं। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने गुटखे पर पाबंदी पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री खुद भी गुटखे की बुराइयां बताकर इस पर प्रतिबंध की सलाह दे चुके हैं। वहीं, राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉपरेरेशन के अधिकारियों के मुताबिक राज्य सरकार को गुटखे से राजस्व तो मिलता है 105 करोड़ रुपए का, लेकिन गुटखे से प्रदेश में कैंसर रोगियों के इलाज पर 250 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो जाता है। यानी सरकार की राजस्व मिलने की दलील फीकी ही है। भगवान महावीर कैंसर अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अजय बापना के मुताबिक तंबाकू और गुटखे से हर साल हजारों नए मरीज जुड़ रहे हैं। अगर गुटखा-तंबाकू पर पाबंदी नहीं लगी तो कैंसर के मरीज और सरकार का खर्च भयावह रूप से बढ़ेगा। एक आंकड़े के मुताबिक राज्य में तंबाकू जनित रोगों के कारण होने वाले कैंसर से हर साल 5000 से ज्यादा मौतें होती हैं। गुटखे से दांत, आंत, गले, फेफड़ों आदि की बीमारियां भी होती हैं। तंबाकू उत्पादों से मिलने वाले राजस्व का गणित : (करोड़ों में ) वर्ष : 2011=12 : 2010=11 : 2009=10 तंबाकू : 65.62 : 30.11 : 27.32 गुटखा : 105.04 : 99.69 : 70.98 बीड़ी : 307.39 : 156.25 : 117.07 सिगरेट : 139.00 : 91.97 : 100.61 कुल : 617.06 : 378.03 : 315.99 क्या कहते हैं अधिकारी 'गुटखा पर कई राज्यों के पाबंदी लगाने के बाद हमने केंद्र को पत्र लिखकर पाबंदी के आधार के बारे में मार्गदर्शन मांगा था। आज फिर रिमाइंडर भेजा है। केंद्र के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।' डॉ. बी.आर. मीणा, निदेशक, जन स्वास्थ्य और फूड सेफ्टी कमिश्नर गुमराह कर रहे हैं स्वास्थ्य और वित्त विभाग गुटखे पर प्रतिबंध के मामले में स्वास्थ्य विभाग और वित्त विभाग अलग बातें कह रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक विभाग के प्रमुख सचिव बीएन शर्मा ने मई में ही वित्त विभाग को गुटखे पर पाबंदी लगाने संबंधी प्रस्ताव भेजा था। लेकिन वित्त विभाग के प्रमुख सचिव गोविंद शर्मा तो ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी ही नहीं होने की बात कह रहे हैं। अब, चिकित्सा सचिव बीएन शर्मा भी टिप्पणी करने से इनकार कर रहे हैं। सरकार चाहे तो एक दिन में आ जाए गाइडलाइन 'गुटखे पर पाबंदी लगाने के लिए तो राज्य सरकार खुद ही सक्षम है। केंद्र से गाइडलाइन मांगने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। राज्य सरकार की अगर गुटखे पर प्रतिबंध लगाने की इच्छाशक्तिहै तो केंद्र से गाइडलाइन आने में कितना वक्तलगता है? दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर के जरिये एक दिन में यह काम हो सकता है। गुटखे पर तो अब पाबंदी लगा ही देनी चाहिए। सरकार लोगों का जीवन खतरे में डालकर व्यापार नहीं कर सकती है।' -एम.एल. मेहता, पूर्व मुख्य सचिव वित्त विभाग ही तय करेगा गुटखे पर प्रतिबंध, मुख्यमंत्री के हाथ फैसला तंबाकू उत्पादों से प्रदेश को सालाना 617 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है जिसमें गुटखे का हिस्सा 105 करोड़ रुपये है। नियमों के मुताबिक राजस्व देने वाले उत्पाद की बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही किया जा सकता है। चूंकि वित्त विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है। इसलिए गुटखे पर पाबंदी का फैसला सीधे मुख्यमंत्री के हाथ में है। केंद्र की राय तो आ चुकी है 'केंद्र की राय तो यह आई है कि राज्य गुटखा बंद कर सकते हैं। कई राज्यों ने प्रतिबंध लगा दिया है तो राज्य सरकार क्यों नहीं लगा सकती? संविधान के अनुच्छेद 21 और 48 ए का प्रयोग कर सरकार गुटखे पर पाबंदी लगाने में सक्षम है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई कल्याणकारी राज्य नशीले पदार्थों से आय अर्जित कर सकता है?' -पानाचंद जैन, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट बुडानिया : गुटखा बेचने पर जुर्माना झुंझुनूं जिले में चिड़ावा पंचायत समिति की बुडानिया पंचायत ने इलाके में सोमवार से गुटखा खाने व बेचने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। बुडानिया के सरपंच रणधीर सिंह के मुताबिक पंचायत क्षेत्र में गुटखा बेचते पाए जाने पर 500 रुपए जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। लोगों ने दुकानों से गुटखे के पाउच हटवा दिए। भास्कर अभियान से जुड़ी जनता सीकर त्न गुटखे पर प्रतिबंध के लिए सीकर में निजी डॉक्टर ने अपने मरीजों से गुटखा व तंबाकू छोड़ने का संकल्प-पत्र भरवाना शुरू किया है। पहले ही दिन 40 से ज्यादा संकल्प-पत्र भरे गए। इनमें कई लोग ऐसे हैं जो वर्षो से गुटखा खा रहे थे।







 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
8 + 5

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment