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जानकारी काम की: क्या करें जब खो जाए आपका डिमांड ड्राफ्ट या पे-ऑर्डर!
Bhaskar News
| Jul 17, 2012, 02:31AM IST

डीडी या पीओ की डिटेल रखें :
सबसे महत्वपूर्ण यह है कि डीडी या पीओ की सारी डिटेल अपने पास सुरक्षित नोट करके रखें। ताकि उसके गुम या चोरी होने पर वह जानकारी काम आ सके। अगर यह जानकारी नहीं होगी, तो डुप्लीकेट डीडी या पीओ जारी नहीं किया जा सकता।
यह है प्रक्रिया
>डुप्लीकेट डीडी या पीओ को जारी करने के लिए संबंधित बैंक को आवेदन दें। इस आवेदन के साथ मूल डीडी या पीओ में दर्ज सारी जानकारी भी दें। मसलन तारीख, इंस्ट्रुमेंट नंबर, रकम, किसे देय था, कहां भुगतान होना था आदि।
>आवेदन में किए गए हस्ताक्षर और दी गई जानकारी का मिलान किया जाता है। हस्ताक्षर के मिलान के लिए मूल डीडी या पीओ के एवज में दी गई स्लिप काम आती है। अत: उसे भी संभाल कर रखें।
>यदि गुम या चोरी हुए डीडी या पीओ को भुनाया नहीं गया है, तो बैंक स्टांप एक्ट के तहत स्टांप शुल्क लेता है। साथ ही जमानत भी मांगता है।
>यदि डीडी या पीओ 25 हजार रुपए या इससे अधिक राशि के हैं, तो बैंक दो लोगों की जमानत लाने को कहता है।
>जमानत देने वाले की पहचान और जांच के आधार पर बैंक डुप्लीकेट डीडी या पीओ जारी कर देता है।
>इसके लिए बैंक नियमावली के अनुरूप कैंसलेशन चार्ज भी वसूलता है। इसके बाद पहले वाले डीडी या पीओ को रद्द किया जाता है। फिर जारी डीडी या पीओ पर डुप्लीकेट दर्ज रहता है।






