विधानसभा में उठीं दुष्कर्म के बाद छात्रा द्वारा लगाईं आग की लपटें!

जयपुर.सीकर जिले के नीमकाथाना में दुष्कर्म पीड़ित बालिका के खुद को जलाने और बाद में उसकी मौत के मामले में बुधवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल ने शून्यकाल में 295 के तहत यह मामला उठाया। मेघवाल ने कहा कि दुष्कर्म की शिकार छात्रा ने आहत होकर केरोसीन उड़ेलकर आग लगा ली। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उसका देहांत हो गया। इस मामले में नीमकाथाना एसएचओ ने पीड़ित परिजनों की शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की। बाद में परिजनों ने जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष से लिखित में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश लेकर थाने गए तब उनकी एफआईआर दर्ज की गई।इस मामले में माकपा के अमराराम, पेमाराम, भाजपा की मसा मेघवाल ने भी उनका साथ दिया। गृह राज्य मंत्री के बयान से असंतुष्ट विधायकों ने सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। भाजपा की चंद्रकांता मेघवाल, संजना आगरी और विश्वनाथ मेघवाल धरने पर बैठ गए। नीमकाथाना विधायक रमेश खंडेलवाल और कांग्रेस के कई विधायकों ने भाजपा के आरोपों पर आपत्ति जताई। इससे सदन में हंगामा हुआ। गृह राज्य मंत्री ने जब आईजी से जांच कराने की घोषणा की तब जाकर मामला शांत हुआ और तीनों विधायक धरने से उठे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को धमकियां मिल रही हैं। दुष्कर्म पीड़ित बालिका के परिजन विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे हैं, वहां पर नीमकाथाना थाने का एसएचओ सादी वर्दी में आता है और परिजनों को धमकाता है। इस मामले में दोषी एसएचओ और एडीशनल एसपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। परिजनों को 2.50 लाख का मुआवजा गृह राज्यमंत्री वीरेंद्र बेनीवाल ने नीमकाथाना में दुष्कर्म की शिकार लड़की की मौत के मामले की जांच आईजी स्तर के अधिकारी से कराने की घोषणा की। बेनीवाल ने बताया कि दलित लड़की के साथ बलात्कार मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। इस मामले में एक मुल्जिम को गिरफ्तार कर 7 अप्रैल को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। कलेक्टर ने 9 अप्रेल को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर कर सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक को पीड़िता के घर भिजवा दिया था। दलित युवती की असामयिक मृत्यु पर प्रावधान के अनुसार 2.50 लाख रुपए की और सहायता जारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।











