दो वर्ष तक खूब छकाया, खुद आकर किया आत्म समर्पण
Source: Bhaskar News | Last Updated 04:59(04/02/12)
जोधपुर.वर्ष 2010 में केन्द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करते हुए 39 टन चंदन लकड़ी निर्यात करने के आरोपी दीपक जैन ने दो वर्ष फरार रहने के बाद गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। अदालत ने उसे 28 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
सीबीआई ने 30 जुलाई 2010 को चंदन तस्करी का एक मामला दर्ज करते हुए बोरानाडा स्थित मैसर्स ओसवाल हैंडीक्राफ्ट के दीपक जैन के खिलाफ केन्द्रीय उत्पाद सीमा शुल्क विभाग के अधीक्षक खेमसिंह लालस तथा निरीक्षक मुखलेश जैन के साथ मिलीभगत करते हुए दो कंटेनर लाल चंदन की लकड़ी मलेशिया की फर्म मैसर्स देगु ग्रुप को निर्यात करने का आरोप लगाया था।
अनुसंधान में पाया गया कि चंदन लकड़ी का निर्यात प्रतिबंधित होने के कारण आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत करते हुए कंटेनर में लकड़ी का फर्नीचर होने का प्रमाण पत्र दिया था, जिससे सीमा शुल्क विभाग को लाखों के राजस्व का नुकसान हुआ।
बाद में दीपक जैन का सहयोगी प्रदीप जैन तो पकड़ा गया तथा बाद में उसकी जमानत भी हो गई, लेकिन मुख्य आरोपी दीपक जैन फरार चल रहा था। उसे अदालत द्वारा पिछले माह फरार भी घोषित कर दिया गया था।
बुधवार को सीबीआई के अनुसंधान अधिकारी एचसी सिंह व उनके सहयोगियों ने आरोपी के घर पर संपत्ति कुर्की करने का नोटिस चस्पां किया तो आरोपी ने अदालत में अपने वकील एलडी खत्री के साथ आत्म समर्पण कर दिया।