आकाश में ग्रहों का दुर्लभ नज़ारा, अभी न देखा तो सौ साल बाद मिलेगा मौका!

सिरोही/जोधपुर.शुक्र ग्रह 6 जून को पृथ्वी के बेहद करीब आ रहा है। आकाश में शुक्र के पारगमन के नजारे रोचक व अचरज भरे होंगे। यह ग्रह धीरे-धीरे सूर्य की सतह पर चक्कर लगाता हुआ दो चरणों में नजर आएगा। आंतरिक ग्रह (बुध या शुक्र) सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी से देखने पर सूर्य की डिस्क (परत) पर काले धब्बे के समान नजर आएंगे।
सिरोही समेत प्रदेश में सुबह 7 बजकर 2 मिनट से सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक यह पारगमन होगा। आंखों की सुरक्षा के लिए सोलर चश्मे का प्रयोग कर इसे देखना जरूरी होगा। इस दुर्लभ खगोलीय घटना को करीब 100 साल बाद दोबारा देखा जा सकेगा।
ऐसे देख सकते हैं
>खुली आंखों से इसको न देखें।
>टेलीस्कोप के ऑब्जेक्टिव में फिल्टर लगाकर किरणों को रोककर इस घटना को देख सकेंगे।
>सोलर ग्लासेस भी मददगार होंगे।
2004 में देशवासियों ने देखा था नजारा
भारत में सबसे पहले इसे ओडिसा के चंद्रशेखर सामंत ने 9 दिसंबर 1874 व दक्षिण भारत में रघुनाथ चारी ने देखा। विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से 8 जून 2004 को देशवासियों ने इस नजारे को देखा।
क्या है पारगमन
जब ग्रह अथवा चंद्रमा जैसे छोटे पिंड किसी बड़े आकार के पिंड के सामने से गुजरते हैं, तो यह पारगमन कहलाता है। आंतरिक ग्रहों बुध अथवा शुक्र को सूर्य के आगे एक छोटे बिंदु के रूप में पारगमन करते देखा जा सकता है। ऐसी ही पारगमन की घटना 6 जून को घटेगी। इसमें शुक्र ग्रह सूर्य का पारगमन करेगा।
यह एक विरल घटना है। शुक्र का पारगमन विज्ञान और इतिहास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शुक्र पारगमन की सहायता से खगोलविद् पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी नापने में सफल रहे थे, जिससे हमें अंतरिक्ष के सुदूर तारों की दूरी नापने में भी आसानी हो गई। आज भी शुक्र पारगमन विज्ञान में अहम स्थान रखता है।





