जोधपुर. पाल बालाजी मंदिर के सामने स्थित बालाजी नगर में दसवीं कक्षा तक बिना मान्यता चल रही ब्राइट माइंड सैकंडरी स्कूल संचालक ने अर्धवार्षिक परीक्षा भी जिला समान परीक्षा योजना (माध्यमिक) के तहत फर्जी तरीके से पेपर उठाकर करवाई। गौरतलब है कि मंगलवार को इस स्कूल का रिकॉर्ड सीज कर दिया गया था।
झुंझुनूं निवासी झाबरमल चौधरी ने सत्र 2011-12 में बालाजी नगर में किराए के भवन में ब्राइट माइंड सैकंडरी स्कूल खोलकर केजी से लेकर दसवीं कक्षा तक करीब 40 बच्चों को एडमिशन दिया। इस स्कूल के संचालक ने दो साल पूर्व वीर तेजा माध्यमिक स्कूल पाल गांव का टाइटल खरीदा था, लेकिन जिला समान परीक्षा योजना (माध्यमिक) के तहत वीर तेजा माध्यमिक विद्यालय के नाम से पेपर लेकर अर्धवार्षिक परीक्षा करवाई।
इस बात का खुलासा ब्राइट माइंड स्कूल की जांच करने गई टीम द्वारा दस्तावेज जांचने पर हुआ। गौरतलब है कि कलेक्टर ने डीईओ को इसकी जांच के आदेश दिए थे। इस पर डीईओ (माध्यमिक) ने एक कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए। कमेटी को जांच में यह स्कूल बिना मान्यता और भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र के चलती हुई मिली। इस पर अधिकारियों ने स्कूल के सभी रिकॉर्ड सीज कर लिए।
ऐसे चला क्रम
पाल गांव में चलने वाली वीर तेजा सैकंडरी स्कूल का टाइटल उसके मालिक शिशुपाल सिंह ने गणोशराम को बेच दिया। इसके बाद गणोशराम ने झाबरमल को इसका टाइटल बेचा, लेकिन उसने वीर तेजा स्कूल को पाल गांव में चलाने की बजाय पाल बालाजी मंदिर के सामने बालाजी नगर में ब्राइट माइंड सैकंडरी स्कूल के नाम से चलाना शुरू कर दिया।
गत वर्ष एक भी छात्र ने नहीं दी बोर्ड परीक्षा
वीर तेजा सैकंडरी स्कूल के नाम से गत वर्ष एक भी छात्र ने दसवीं कक्षा की परीक्षा नहीं दी, जबकि इस वर्ष दसवीं कक्षा के लिए इसी स्कूल के नाम से चार विद्यार्थियों का फॉर्म भरा गया है।
वीर तेजा स्कूल के नाम से लिए पेपर
॥ ब्राइट माइंड स्कूल के संचालक ने जिला समान परीक्षा योजना (माध्यमिक) के तहत वीर तेजा माध्यमिक स्कूल के नाम से अर्धवार्षिक परीक्षा के पेपर लिए थे, लेकिन अर्धवार्षिक परीक्षा ब्राइट माइंड स्कूल में करवाई। ऐसा करना गलत है।ञ्ज
गजरा चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)