मनीष बोहरा.जोधपुर.आने वाले कुछ सालों में सूर्यनगरी अपणायत व अन्य विशिष्टता के साथ खास मंदिरों के लिए भी पहचानी जाएगी। यूं तो शहर की हर गली और मोहल्ले में मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर अपनी आस्था व भव्यता के कारण शहर और देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी अमिट छाप छोड़ेंगे।
शहर में धार्मिक परंपरा की प्रगाढ़ता को आगे बढ़ाते हुए नए मंदिरों के निर्माण के साथ पुराने मंदिरों का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मसूरिया के बाबा रामदेव मंदिर का करोड़ों रुपए की लागत से सौंदर्य निखारा जा रहा है, वहीं सालावास रोड पर लोटस टेंपल को कमल के फूल की भांति आकर्षक रूप दिया जा रहा है। पाल बाइपास रोड पर सूर्यनारायण मंदिर को सूर्य की रोशनी से रोशन करने का काम शुरू हो चुका है।