जोधपुर.मसूरिया स्थित रामदेव अस्पताल के लेबर रूम में शुक्रवार को हीटर की गरम हवा से झुलसी महज आधे घंटे की मासूम को कितनी पीड़ा हुई होगी, उसका अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची बीस फीसदी बर्न है। बच्चों को इतना बर्न होने पर उतनी ही पीड़ा होती है, जितनी एक वयस्क को 70 फीसदी बर्न होने पर होती है। मधुबन हाउसिंग बोर्ड निवासी ज्योति ने शुक्रवार शाम करीब चार बजे इस बच्ची को जन्म दिया था।
अस्पताल प्रबंधन की पड़ताल में सामने आया कि एक चतुर्थ श्रेणी स्टाफ ने सर्दी होने के कारण नवजात बच्ची के सामने हीटर रख दिया और भूल गया। लगातार गर्म हवा की चपेट में आने से उसका चेहरा, हाथ व सीना झुलस गए। चेहरे पर फफोले उठ गए।