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10 दिन में उखाड़ दी 10 लाख की सड़क
Bhaskar News
| Oct 22, 2012, 02:50AM IST

दो सप्ताह पूर्व शुरू हुआ था सड़क निर्माण
हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन ने बारिश के दौरान टूटी सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया था। पीडब्ल्यूडी ने एक पखवाड़े पूर्व ही बारिश के दौरान टूटने वाले तीन प्रमुख चौराहे और कुछ सड़कें कंट्रोल सीसी (सीमेंट-कंकरीट) से बनाने का काम चालू किया था। इस दौरान सबसे पहले एसबीबीजे के समीप से जालोरी गेट पुलिस चौकी तक सीमेंट-कंकरीट की सड़क बनाई थी। इसका काम दस दिन पूर्व ही किया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते सड़क का निर्माण घटिया पाया गया।
पोल खुलने से घबराए अफसर
हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही सड़कों के घटिया निर्माण पर नाराजगी जताते हुए अभियंताओं से मेजरमेंट बुक (एमबी) मंगवाई थी। हाईकोर्ट के इस फैसले से शहर की सभी निर्माण एजेंसियों के अभियंताओं में अफरा-तफरी मच गई थी। जेडीए के एक अभियंता की एमबी की जांच भी चल रही है। इसी बात से घबराए पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ठेकेदार पर दुबारा से सड़क बनाने का दबाव बनाया, लेकिन एकबारगी ठेकेदार ने इनकार कर दिया। उसने यहां तक कह दिया कि जब तक यातायात बंद नहीं हो सड़क ऐसी ही बनेगी। अफसरों ने ठेकेदार से आग्रह कर अन्यत्र अच्छी दर दिलाने का प्रलोभन दिया तो ठेकेदार काम करने पर राजी हो गया।
अन्य जगह पर चल रहे काम भी घटिया
पीडब्ल्यूडी के पास पैसों की कमी के चलते अफसर ठेकेदारों पर नकेल डालने में विफल साबित हो रहे हैं। ठेकेदार काम के बदले भुगतान की मांग करते है, लेकिन पैसे के अभाव में अफसरों को घटिया काम पर समझौता करना पड़ता है।
रेडी मिक्स प्लांट पर अनदेखी
जेडीए, निगम व पीडब्ल्यूडी के अफसर आनन-फानन में सड़क निर्माण करवा रहे हैं। ऐसे में सीमेंट-कंकरीट व बजरी की मिक्स डिजाइन पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। यही नहीं प्लांट पर भी इसको देखने वाला कोई नहीं होता है। ऐसे में यहां की जाने वाली लापरवाही पकड़ी नहीं जाती है।
सड़क बनते ही वाहन गुजरने से हुई गड़बड़
'सड़क बनते ही इस पर यातायात चालू हो गया। इसके कारण क्यूरिंग नहीं हो पाई ओर सरफेस बिगड़ गया। हमने यातायात रोकने की कोशिश की, लेकिन नहीं रुका। अब जहां भी काम हो रहे हैं, टिनशेड लगाकर रास्ता रोका है। इसका असर यह होता है कि पानी की तराई अच्छी ढंग से होती है।'
संजीव माथुर, एक्सईएन (सिटी), पीडब्ल्यूडी








