दरअसल, जैसलमेर और बाड़मेर के बीच स्थित यह गांव (देवड़ा) सदियों से एक घिसी-पिटी परंपरा के साए में जी रहा है। इस गांव की यह परंपरा वाकई चौंकाने वाली है। यहां बेटियों को जन्म लेते ही मौत की नींद सुला दिया जाता है और सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि बेटी को मौत देने का फरमान खुद मां सुनाती है।