जोधपुर/वाशिंगटन.अमेरिका ने अपने जासूसों की नाकामी छिपाने के लिए भारत के पहले परमाणु परीक्षण को फुस्स बताया है। यह जानकारी अमेरिकी दस्तावेज में दी गई है। ये दस्तावेज सूचना की स्वतंत्रता के तहत मांगे जाने पर दिए गए हैं। इनमें यह भी कहा गया है कि 24 जनवरी 1996 को क्लिंटन प्रशासन ने मान लिया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव ने परमाणु परीक्षण नहीं करने का निश्चय किया है।
इन दस्तावेजों में कहा गया है कि 1974 में निक्सन प्रशासन के अमेरिकी गुप्तचरों का सारा ध्यान रूस और वियतनाम युद्ध पर था। इसलिए भारत का परमाणु परीक्षण उनकी प्राथमिकता में शामिल नहीं था।