बुलंदियों को छू रहा है हमारा जैसलमेर
मैं आज (30 जुलाई 2012 ) 857 साल का हो गया हूं..। इन वर्षो में मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। कदम-कदम पर चुनौतियां मिली, मगर मेरे अपने साथ थे जिसके चलते मेरी हमेशा जीत हुई। मेरी प्राचीनता, ऐतिहासिकता व सुंदरता को देखने सात समंदर पार से लाखों सैलानी आ चुके हैं। जैसे आपके पूर्वज मेरा ख्याल रखते थे वैसा आज की पीढ़ी नहीं रख रही है। जहां एक तरफ मैंने पर्यटन मानचित्र पर अपना स्थान बनाया है वहीं दूसरी ओर विकास की राह पर भी दौड़ रहा हूं। मुझे आप लोगों का सहयोग हमेशा ही मिले, इसी उम्मीद के साथ आगे बढ़ता रहूंगा।
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