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स्टेशन मास्टर की लापरवाही से बंद ट्रैक पर दौड़ी थी ट्रेन
Bhaskar News
| Dec 12, 2012, 06:18AM IST
जोधपुर.शहर के उपनगरीय बासनी स्टेशन पर बाड़मेर पैसेंजर को गलत पटरी पर चलाने की जांच पूरी हो गई है। जांच कमेटी ने हादसे के लिए प्रथम दृष्टया स्टेशन मास्टर की लापरवाही को जिम्मेदार माना है।
मंडल रेल प्रबंधक राजेंद्र जैन ने बताया कि उन्होंने जांच रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी लिखने के बाद इस मामले में डिसिप्लिन एंड अपील रुल्स के तहत प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना तय किया जाएगा।
गत एक दिसंबर को बासनी स्टेशन पर बाड़मेर पैसेंजर डेड एंड प्वाइंट पटरी पर चली गई थी, लेकिन लोको पायलट की सजगता से रोक दी गई। उस समय ट्रेन में करीब 500 यात्री थे। स्टेशन पर सिग्नल सिस्टम फेल होने के कारण स्टेशन मास्टर ने पेपर लाइन क्लियर (पीएलसी) देकर लोको पायलट को रवाना होने के निर्देश दिए थे, लेकिन पटरी का प्वाइंट सही नहीं लगा था।
पायलट ट्रेन रवाना कर आगे बढ़ा ही था कि उसे पता लगा कि ट्रेन तो गंतव्य की ओर न जाकर डेड प्वाइंट पर जा रही है, तब उसने ट्रेन को रोक दिया था।
तालमेल नहीं होने से प्वाइंट सही नहीं लगा
रेल प्रशासन ने पहले इस मामले में यातायात निरीक्षक से जांच करवानी शुरू की मंडल रेल प्रबंधक राजेंद्र जैन को जब हादसे की जानकारी मिली तो उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। इसके लिए गठित कमेटी में सहायक परिचालन प्रबंधक सुभाष चंद्र, सहायक यांत्रिक अभियंता (शक्ति) वीके वर्मा, सहायक सिग्नल व दूरसंचार अभियंता सुरेश कुमार और लोको निरीक्षक पुखराज को शामिल किया गया।
कमेटी ने स्टेशन मास्टर को जिम्मेदार माना है। कमेटी के अनुसार स्टेशन मास्टर को पेपर लाइन क्लियर देने की जरूरत ही नहीं थी। स्टेशन मास्टर व प्वाइंट्समैन के बीच तालमेल नहीं होने से पटरी का प्वाइंट सही नहीं लग सका।
आगे क्या : पहले चार्जशीट, फिर कार्रवाई
नियमानुसार अब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्टेशन मास्टर के साथ अन्य कर्मचारियों को चार्जशीट दी जाएगी। इनके खिलाफ डिसिप्लिन एंड अपील रुल्स के तहत विभागीय जांच चलेगी। जांच में इनकी गलती की गंभीरता को मद्देनजर रखते हुए सजा तय की जाएगी।








